सरयू के नेतृत्व में सोनारी, बिष्टुपुर, कदमा, मानगो, साकची में स्वत स्फूर्त बंद
शांतिपूर्ण रहा बंद, बिष्टुपुर में मामूली बहस की खबर

सरयू के नेतृत्व में सोनारी, बिष्टुपुर, कदमा, मानगो, साकची में स्वत स्फूर्त बंद

शांतिपूर्ण रहा बंद, बिष्टुपुर में मामूली बहस की खबर

जमशेदपुर- डीडी हत्याकांड के विरुद्ध जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के आहवान पर आयोजित जमशेदपुर बंद पूर्णतः सफल रहा। कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। बिष्टुपुर में चंद घड़ी के लिए बंद समर्थकों और पुलिस वालों के बीच बहस हुई लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ। बंद स्वतःस्फूर्त था। व्यवसाय से जुड़े लोगों ने स्वतः ही अपनी दुकानें बंद कर दी थीं। कुछेक इलाकों में पेट्रोल पंप भी बंद रखे गए।
शुक्रवार की सुबह साढ़े 8 बजे विधायक सरयू राय अपने बिष्टुपुर स्थित आवास से बाइक पर मानगो के लिए निकले। उनके पीछे दर्जनों बाइक सवार थे। श्री राय ने बाइक पर ही पूरे मानगो का भ्रमण किया और बंदी को सफल बताया।
सोनारी में सोनारी वेस्ट लेआउट से कागलनगर, बस स्टैंड, कागल नगर मार्केट होते हुए राम मंदिर चौक, राम मंदिर से एयरपोर्ट, डिस्पेंसरी रोड होते हुए बाजार गुदड़ी बाजार, लोहार लाइन होते हुए परदेसी पाड़ा, पुराना सीपी क्लब, दयानंद स्कूल, राम मंदिर चौक तक बंद का गहरा असर दिखा। बंद को सफल बनाने में मुकुल मिश्रा, विनोद सिंह, बाबू सिंह सरदार, नरेश बागति, रवि ठाकुर, अतुल सिंह, नितेश सिंह, मिट्ठू गोराई, उषा यादव, उत्तम कुमार, अजय सिंह, अशोक सिंह सहित कई लोगों ने अथक प्रयास किया।

कदमा में कदमा बजार, भाटिया बस्ती, उलियान, रामनगर, ग्रीन पार्क, रामजन्मनगर, फार्म एरिया, गणेश पूजा मैदान, शास्त्रीनगर आदि इलाकों में बंद समर्थकों ने लोगों से निवेदन करके उनके प्रतिष्ठान बंद करवाए। बंद करवाने वालों में तारक मुखर्जी, मुन्ना सिंह, मनोज सिंह, दिनेश सिंह, बबाइ दास आनंद, बाबू गोंडा, अरुण, रत्न, शिव, राकेश सिंह, पप्पू सिंह, बाली, सोनी, बुल्लू, संतोष, दीपू, बबलू, हाबलु, केके, रवि, विशाल, विवेक, शिबु, शीनू, विशाल, रविशंकर आदि ने महती भूमिका निभाई।

मानगो के मानगो चौक, राजेंद्र नगर चौक, ओल्ड चेक पोस्ट, उलीडीह थाना क्षेत्र, डिमना चौक, आसियाना चौक, बिग बाजार के सामने का इलाका, पारडीह चौक, चेपा पुल, 15 नंबर आदि इलाकों में बंद सफल रहा। बंद करवाने में पप्पू सिंह, नीरज सिंह, धर्मेंद्र प्रसाद, प्रवीण सिंह, लालू गौड़, पवन सिंह, कुलविंदर सिंह पन्नू, विकास साहनी, पिंटू सिंह, विजेंद्र सिंह, हेमंत पाठक, संजय सिंह, धनोज सिंह, अशोक कुमार, अमित शर्मा, मनोज गुप्ता, राजू सिंह, ममता सिंह, वीरू सिंह, टुनटुन सिंह, आकाश शाह, संजीव कुमार, राधे प्रमाणी, भोला कुमार, गोपाल सिंह आदि ने अथक प्रयास किया।

साकची के साकची बाजार, झंडा चौक, श्रीलेदर लाइन, बसंत टाकीज लाइन, रामलीला मैदान रोड, और जुबिली पार्क गेट में बंद सफल रहा। बंद करवाने वालों में विवेक पांडेय, राधेश्याम पांडेय, भगवती शरण तिवारी, सुधीर कुमार, रवि कुमार, सत्या दत्ता, सौरभ राम, वरुण प्रताप सिंह, शुभम दास, रोहित दास, ओम प्रकाश शर्मा, रवि यादव, गौतम धीवर, रिशु सिंह, सचिन तिवारी, सुधीर साव, जीतेंद्र पांडेय, अनिल तिवारी, अजय साव, ऋषिकेश पांडेय, विजेंद्र झा, गौरव पांडेय, गुड्डू पांडेय, गीड़ू साव, संजय रजक, अंकित दास, गोली साव, शंकर चंद्रवंशी, वरुण प्रताप सिंह, पंकज साव, मार्को दास आदि की प्रमुख भूमिका रही।
बिष्टुपुर के मेन रोड, बिष्टुपुर बाजार, डायगनल रोड, एलआईसी बिल्डिंग, रीगल चौराहा के सामने, खाऊ गली में बंद का असर दिखा। एलआईसी बिल्डिंग में बंद समर्थकों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। पुलिस बंद समर्थकों को रोक रही थी। बहसा-बहसी के बाद बंद समर्थक आगे निकल गए। बंद को सफल बनाने वालों में सुबोध श्रीवास्तव, अजय कुमार, सुरंजन राय, संजय तिवारी, छोटे लाल मुखी, बबलू नायक, पिट्टू सिंह, राहुल गुप्ता, राकेश, नीरू सिंह, छोटू, सूरज रजक, राजेश नंद, कमलेश मुखी, गुप्ताजी, प्रवीण ठाकुर, हरविंदर सिंह, महेश प्रसाद, श्रेया दीक्षित, हरिकिशोर तिवारी, अंजलि सिंह, राजेश प्रसाद आदि की प्रमुख भूमिका रही।
बंद पूर्णतः सफल रहाः सरयू राय
जमशेदपुर- बंद का आहवान सफल रहा। जनता ने खुद से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। चंद गाड़ियों की आवाजाही को छोड़ दें सारी सड़कें सूनी रहीं। हम लोगों के आहवान को जनता ने अपना आहवान माना और स्वतःस्फूर्त तरीके से जमशेदपुर को बंद रखा। ये आम जनता की बंदी है। जिन मुद्दों को हमने जनता के समक्ष रखा था, जनता ने उन मुद्दों को अपना मुद्दा माना। जमशेदपुर में अपराध की संस्कृति लंबे समय से चली आ रही है। जो आपराधिक, शोहदे, मनबढ़ हैं, वो खुद को सुरक्षित मानते हैं। उन्हें लगता है कि पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। अब नए पुलिस कप्तान आए हैं। देखना होगा कि ये शहर को किस तरीके से सुव्यवस्थित करते हैं। सभी अपराधियों का मन बढ़ा हुआ है। इन सभी का थानों से सांठगांठ है। आज भी वही स्थिति है।


