स्वामी गोरखनाथ सरस्वती ने बताया कि वह बिहार स्कूल ऑफ योग के स्वामी सत्यानंद सरस्वती से वर्ष 1970 से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि योग का असर अब पूरी दुनिया में दिख रहा है। पूज्य गुरु स्वामी सत्यानंद जी ने 1968 में पूरे विश्व का भ्रमण किया और पूरी दुनिया में सैकड़ो योग केंद्र की स्थापना की
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तिथि 21 जून नजदीक आती जा रही है, वैसे ही वैसे विभिन्न स्थानों पर योग शिविर लगाया जा रहा है। जमशेदपुर के गोलमुरी क्लब हॉल में बिहार स्कूल ऑफ योग मुंगेर के स्वामी गोरखनाथ सरस्वती यहां पर योग और ध्यान का प्रशिक्षण दे रहे हैं
जमशेदपुर- जैसे-जैसे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तिथि 21 जून नजदीक आती जा रही है, वैसे ही वैसे विभिन्न स्थानों पर योग शिविर लगाया जा रहा है। जमशेदपुर के गोलमुरी क्लब हॉल में बिहार स्कूल ऑफ योग मुंगेर के स्वामी गोरखनाथ सरस्वती यहां पर योग और ध्यान का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अध्यात्म के साथ-साथ खानपान में भी परिवर्तन आया है। योग का लक्ष्य आत्मा की शांति और संतुष्टि है।
उन्होंने कहा कि आसन एवं प्राणायाम तो योग के बहुत ही छोटी सी सिख है। वास्तव में योग से चिंता, तनाव, अनिद्रा सहित कई चीजे दूर होती है।
युवा अपनी दिनचर्या को ठीक करें और योग से अपनी आंतरिक ऊर्जा को बढ़ाएं, ताकि पढ़ाई- नौकरी में भी आंतरिक विश्वास बढ़ता रहे।
वही सत्यानंद योग केंद्र जमशेदपुर के पदाधिकारी मलय कुमार डे ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने योग को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है और प्रतिवर्ष 21 जून को हम लोग यहां योग दिवस मनाते हैं। जिसमें पूरे जमशेदपुर से 1500 लोग भाग लेते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे पूज्य गुरु स्वामी गोरखनाथ सरस्वती जी का कहना है कि एक दिन के योग शिक्षा से हम कुछ नहीं कर पाएंगे। इसलिए हम लोग एक सप्ताह पहले से ही ध्यान एवं योग शिविर का आयोजन करते हैं।
वहीं सत्यानंद योग केंद्र जमशेदपुर के उपाध्यक्ष मनोज कुमार झा ने बताया कि यहां पर विभिन्न आसन एवं ध्यान का आयोजन इस शिविर में होता है। 15 जून से लेकर 20 जून तक इस तरह का प्रशिक्षण देते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को वे लोग सही ढंग से योग करें और आगे भी हमेशा योग और ध्यान करते रहे। जिससे जीवन सुखमय बनेगा, काया निरोग रहेगा। ईश्वर एवं गुरु के प्रति श्रद्धा बनी रहे




