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श्यामा प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का गुलाब के बुके से स्वागत कर अनुशासन व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दिया संदेश

खासमहल स्थित श्यामा प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र के अवसर पर नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के स्वागत हेतु भव्य ओरिएंटेशन एवं स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों का गुलाब को बुके देकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य शिव चरण महतो ने दीप प्रज्वलित कर किया

श्यामा प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का गुलाब के बुके से स्वागत कर अनुशासन व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दिया संदेश

जमशेदपुर- खासमहल स्थित श्यामा प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र के अवसर पर नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के स्वागत हेतु भव्य ओरिएंटेशन एवं स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों का गुलाब को बुके देकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य शिव चरण महतो ने दीप प्रज्वलित कर किया समारोह में कॉलेज के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, प्राध्यापक तथा बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, नियमों, दायित्वों तथा संस्थान की कार्यप्रणाली से परिचित कराना था। प्राचार्य एवं सभी विषयों के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को कॉलेज के नियमों और अनुशासन की विस्तार से जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि कॉलेज परिसर में मोबाइल फोन लाना प्रतिबंधित है तथा सभी विद्यार्थियों को निर्धारित नियमों का पूर्ण रूप से पालन करना होगा। प्राचार्य शिव चरण महतो ने अपने संबोधन में कहा कि श्यामा प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज केवल अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर व्यक्तित्व, संस्कार, नैतिक मूल्यों और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का सशक्त केंद्र है। उन्होंने विद्यार्थियों से समय की पाबंदी, नियमित उपस्थिति, शिक्षकों के प्रति सम्मान, स्वच्छ परिसर बनाए रखने, सकारात्मक व्यवहार तथा शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
उन्होंने कहा कि कॉलेज में अनुशासनहीनता, रैगिंग, नशाखोरी, हिंसा तथा किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए एंटी-रैगिंग समिति सक्रिय है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षक सदैव उपलब्ध रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, संचार कौशल तथा सामाजिक जिम्मेदारियों पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक, खेलकूद, साहित्यिक एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। प्राचार्य ने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि कौशल विकास भी सफलता की कुंजी है। इसी उद्देश्य से कॉलेज विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख शिक्षा, करियर मार्गदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, व्यक्तित्व विकास तथा विभिन्न कौशल आधारित गतिविधियों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की नियमित पढ़ाई उपस्थिति, अनुशासन और नैतिक विकास पर विशेष ध्यान दें तथा कॉलेज के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक के सामूहिक सहयोग से ही बच्चों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
समारोह के अंत में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए ईमानदारी, अनुशासन, कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ अपने शैक्षणिक जीवन की नई शुरुआत करने का संदेश दिया।

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