साकची शीतला माता मंदिर में 15 जुलाई से नौ दिवसीय लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का भव्य आयोजन होगा
साकची स्थित श्री शीतला माता मंदिर परिसर में 15 जुलाई से 23 जुलाई तक भव्य लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में वैदिक मंत्रोच्चार, विशेष पूजा-अर्चना, संगीतमय राम कथा और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा

साकची शीतला माता मंदिर में 15 जुलाई से नौ दिवसीय लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का भव्य आयोजन होगा
जमशेदपुर- साकची स्थित श्री शीतला माता मंदिर परिसर में 15 जुलाई से 23 जुलाई तक भव्य लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में वैदिक मंत्रोच्चार, विशेष पूजा-अर्चना, संगीतमय राम कथा और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा मंदिर समिति ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और शहर के श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक पांडेय ने बताया कि महायज्ञ का शुभारंभ 15 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं एवं युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेंगी। इसके बाद वैदिक आचार्यों द्वारा विधि-विधान के साथ यज्ञ की शुरुआत की जाएगी। महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन पंचांग पूजन, लक्ष्मी-नारायण की विशेष आराधना, हवन तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। इसके साथ ही प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक कलयुग के साक्षात भगवान माने जाने वाले स्वामी जी के परम शिष्य बैकुंठ नाथ स्वामी जी द्वारा संगीतमय राम कथा का आयोजन किया जाएगा। राम कथा में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, मर्यादा और भक्ति से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा, जिसका श्रद्धालु रसपान कर सकेंगे। 23 जुलाई को नवमी तिथि के अवसर पर महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी। इसके अगले दिन 24 जुलाई को मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करेंगे ।
पंडित अशोक पांडेय ने बताया कि लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का उद्देश्य क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक वातावरण का प्रसार करना है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार इस महायज्ञ में आहुति देने और प्रसाद ग्रहण करने से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से युवाओं की शिक्षा, रोजगार, विवाह तथा परिवार की सुख-समृद्धि एवं संतान प्राप्ति से जुड़ी बाधाओं के निवारण की भी मान्यता है।
मंदिर समिति ने निमंत्रण पत्र जारी कर शहरवासियों, सनातन धर्मावलंबियों, युवाओं तथा माताओं-बहनों से आग्रह किया है कि वे अपने परिवार सहित इस नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन में शामिल होकर राम कथा का श्रवण करें, यज्ञ में आहुति दें और धर्म लाभ प्राप्त करें।
