राहू सभी काली वस्तुए और बुरी आदतों के स्वामी है
इसे शनिवत् राहू कहते है। कभी मिथ्या असफल प्रयास ब्यर्थ का परिश्रम हवाई किले बनाना मतिभ्रम आत्मविश्वास में कमी छल कपट आडम्बर प्रपंचपूर्ण कार्यों का कारक भी राहू है। हाथो में पॉव त्वचा रोग कुष्ट विष संक्रमण लकवा देह की कुरूपता अंग भंग का कारक भी राहू हैं

राहू सभी काली वस्तुए और बुरी आदतों के स्वामी है इसलिए इसे शनिवत् राहू कहते है। कभी मिथ्या असफल प्रयास ब्यर्थ का परिश्रम हवाई किले बनाना मतिभ्रम आत्मविश्वास में कमी छल कपट आडम्बर प्रपंचपूर्ण कार्यों का कारक भी राहू है। हाथो में पॉव त्वचा रोग कुष्ट विष संक्रमण लकवा देह की कुरूपता अंग भंग का कारक भी राहू है।
राहू का स्वार्थ सुखलिप्सा व उच्चाकांक्षा का प्रतिक है वह सर्वदा अपना हित व अपने लाभ के विषय में सोचता है। इस संसार के सभी सुंख उपलब्ध हो ऐसी उसकी प्रबल इच्छा रहती है।
राहू का स्नेह सहयोग में विश्वास नहीं है और किसी प्रकार के बंधन इसे असहय जान पडता है। वह परिवारिक सामाजिक धार्मीक संबंध को नकारने में गर्व मानता है। अवज्ञा अवमानना करना उसे विशिष्ट गुण जान पडता है।
माता पिता का अपमान या तिरस्कार करना उचित मानता है और अपने भाई से वैर विरोध एवं पत्नि /पति तथा बच्चो के प्रति शत्रुवत् व्यवहार मानों उसका स्वभाव है।
अपना स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए भले ही वह सज्जनता का मुखौटा लगा ले किन्तु मूलतः वह जंगली जानवर सरीखा होता है जिसने शुभ कर्म से मनुष्य योनि में जन्म पाया है।
1. मेष राशि का राहू आपको भूमि भवन का सुख प्रदान करेगा और परिवार में सुख संपन्नता बढता है तथा परिवार में सुख सम्मान और स्नेह रहेगा। आप दुर्बल दुर्बुद्धि अकर्मण्य परिश्रम से जी चुराने वाला व चिडचिडे स्वभाव का होगा।
कमिक पूर्व जन्म का संकेत पूर्व जन्म में धन वैभव संपन्न तथा भाग्यशाली ब्यक्ति थे धनी होने के साथ साथ आध्यत्मिक प्रकृति और आत्मविश्वास से परिपूर्ण भूसंपदा परिवारिक सुख तथा सामाजिक उत्सवो का सुख पाया है। कभी असावधानी या फिजुलखर्ची के कारण प्राप्त अवसरो का लाभ उठाने में असमर्थ रहे।
2. वृषभ राशि का राहू आपको भोगासक्त विलासी व अस्थिर चित्त का बनाएगा। आप समाज में मान सम्मान व सरकार से धन प्रतिष्ठा प्राप्त करेगे और आप उँची शिक्षा प्राप्त करेगे और धन वैभव से संपन्न होगे।
कमिक पूर्व जन्म का सेंकेत आप असामाजिक गतिविधीयो में संतलिप्त थे। आप छल कपट मिथ्या लांछन अथवा लोगों की विवशता का भरपूर लाभ उठाकर धन कमाए। अपनी शक्ति का दुरोपयोग कर अधर्म व अनिति से आपने काम सुख प्राप्त किया। इस धरती पर आने से पहले पूर्व में आपके नरक में भीषण यातना सही है। इसी कारण इस जन्म में आपको अपने पद अधिकार व बल का उपयोग कर समाज कल्याण के कार्य करेगे। आप देवदर्शने पुरानों का स्वाध्यया कर पुण्य संचय करेगा।
उपाए
1. राहू के अशुभ प्रभाव में कमी लाने के लिए बनारस के माता संकटा देवी के मंन्दिर जाकर क्षमा याचना और मन्नत करनी चाहिए।
2. गणेश जी की अराधना और 8 मुखी रूद्राक्ष शुक्ल पक्ष में मंत्रौच्चारण द्वारा शुद्ध करके धारण करना चाहिए।
3. राहू की दशा या अर्न्तदशा चल रही हो तो राहू के मंत्र का जाप करना चाहिए।
डा नरेंद्र कुमार रांची झारखण्ड





