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मुआवजा मामले में प्रशासन घिरा, सौरभ विष्णु ने आयोगों तक पहुंचाई शिकायत

जमशेदपुर एमजीएम अस्पताल छत हादसे के पीड़ित परिवारों को 15 महीने बाद भी मुआवजा राशि न मिलने के मामले में सौरभ विष्णु, अध्यक्ष जन विकास मंच एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ने चार मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की है। यह कदम अस्पताल द्वारा हाल ही में दिए गए एक आरटीआई जवाब के बाद उठाया गया है, जिसमें मुआवजा प्रक्रिया के अब तक अधूरे होने की पुष्टि हुई थी

मुआवजा मामले में प्रशासन घिरा, सौरभ विष्णु ने आयोगों तक पहुंचाई शिकायत

जमशेदपुर- जमशेदपुर एमजीएम अस्पताल छत हादसे के पीड़ित परिवारों को 15 महीने बाद भी मुआवजा राशि न मिलने के मामले में सौरभ विष्णु, अध्यक्ष जन विकास मंच एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ने चार मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की है। यह कदम अस्पताल द्वारा हाल ही में दिए गए एक आरटीआई जवाब के बाद उठाया गया है, जिसमें मुआवजा प्रक्रिया के अब तक अधूरे होने की पुष्टि हुई थी।

उपायुक्त को पत्र:
सौरभ विष्णु ने उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को पत्र लिखकर मुआवजा राशि के लाभार्थियों की पहचान एवं सत्यापन की वर्तमान स्थिति, राशि हस्तांतरण की समय-सीमा, तथा मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर अस्पताल के दावे एवं परिवारों के बयानों के बीच की विसंगति पर तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है।

सिविल सर्जन को आरटीआई आवेदन:
चूंकि अस्पताल के जवाब के अनुसार मुआवजा राशि सर्वप्रथम सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा निकासी की जानी है, इसलिए सौरभ विष्णु ने एक अलग RTI आवेदन सिविल सर्जन, पूर्वी सिंहभूम को भेजा है, जिसमें यह पूछा गया है कि क्या राशि की निकासी हो चुकी है तथा क्या इसे बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से उपायुक्त कार्यालय को सौंपा जा चुका है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को सूचना:
इस मामले में पहले से लंबित NHRC केस संख्या 682/34/6/2025 के संदर्भ में, सौरभ विष्णु ने आयोग को भी सूचित किया है कि अस्पताल के RTI जवाब से यह स्पष्ट प्रमाण मिलता है कि उपायुक्त कार्यालय ने आयोग के आदेश (दिनांक 10/07/2026) का अब तक पूर्ण अनुपालन नहीं किया है।

राज्य सूचना आयोग में शिकायत:
सौरभ विष्णु ने झारखंड राज्य सूचना आयोग में सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 18 के अंतर्गत एक अलग शिकायत भी दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अस्पताल के जवाब में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने का दावा पीड़ित परिवारों के बयानों से मेल नहीं खाता तथा देरी के कारण संबंधी प्रश्न का भी सीधा उत्तर नहीं दिया गया। शिकायत में संबंधित जन सूचना पदाधिकारी के विरुद्ध धारा 20 के अंतर्गत शास्ति की कार्यवाही की मांग की गई है।

सौरभ विष्णु ने कहा कि एक ही सच्चाई को अब उपायुक्त सिविल सर्जन, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एवं राज्य सूचना आयोग — चारों संस्थाओं के सामने रखा गया है, और यह सच्चाई अस्पताल के अपने ही जवाब से सामने आई है। पीड़ित परिवारों को 15 महीने से न्याय का इंतजार है और अब और इंतजार स्वीकार्य नहीं है।

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