प्यार, परंपरा और देशभक्ति का संगम: DBMS कदमा में रचा गया राखी का अनोखा उत्सव
कदमा मासूम हाथों की कलाकारी और मन में अपनों के लिए अगाध स्नेह… कुछ ऐसा ही ख़ूबसूरत और भावुक दृश्य आज DBMS इंग्लिश स्कूल, कदमा के प्रांगण में देखने को मिला। अवसर था— ‘भारत डाक’ (India Post) और 'भारत सरकार' की विशेष पहल के तहत आयोजित रक्षाबंधन राखी-मेकिंग प्रतियोगिता का। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के 102 बच्चों ने बड़े ही उत्साह, उमंग और संवेदनशीलता के साथ हिस्सा लिया

प्यार, परंपरा और देशभक्ति का संगम: DBMS कदमा में रचा गया राखी का अनोखा उत्सव

जमशेदपुर- कदमा मासूम हाथों की कलाकारी और मन में अपनों के लिए अगाध स्नेह… कुछ ऐसा ही ख़ूबसूरत और भावुक दृश्य आज DBMS इंग्लिश स्कूल, कदमा के प्रांगण में देखने को मिला। अवसर था— ‘भारत डाक’ (India Post) और ‘भारत सरकार’ की विशेष पहल के तहत आयोजित रक्षाबंधन राखी-मेकिंग प्रतियोगिता का।


इस प्रतियोगिता में विद्यालय के 102 बच्चों ने बड़े ही उत्साह, उमंग और संवेदनशीलता के साथ हिस्सा लिया।
मासूम हाथों की रचना और दिल छू लेने वाले पल
परंपरा का पुनर्जागरण: बच्चों ने अपने हाथों से रंग-बिरंगे धागों, मोतियों और कागज़ों से बेहद ख़ूबसूरत और कलात्मक राखियाँ बनाईं। बाज़ारी राखियों से इतर, खुद से बनाई गई इन राखियों में बहनों का सच्चा प्यार और अपनापन झलक रहा था।

दूर बैठे भाइयों के नाम प्यार: प्रतियोगिता में भाग ले रही आरुषी नूरानी ने बताया कि वह यह राखी बैंगलोर में रहने वाले अपने मामू के लिए बना रही है। वहीं वैष्णवी कश्यप और माहरूख मिहिन ने कहा कि उनकी बनाई राखी ‘इंडिया पोस्ट’ के ज़रिए पंजाब में बैठे उनके भाइयों तक पहुँचेगी।
डाक सेवा का आभार: बच्चों ने ‘इंडिया पोस्ट’ का दिल से धन्यवाद किया, जिसकी वजह से दूर-दराज रहने वाले उनके भाइयों और परिजनों तक यह अनमोल स्नेह पहुँचेगा।
शिक्षकों और प्रबंधकों का संदेश
विद्यालय की शिक्षिकाओं और प्रशासनिक सदस्यों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के डिजिटल दौर में हाथ से बनाई राखी और डाक द्वारा पत्र या राखी भेजने की परंपरा कहीं खो सी गई थी। भारत सरकार और ‘इंडिया पोस्ट’ की यह पहल हमारी भारतीय संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं को फिर से जीवित करने का एक सराहनीय प्रयास है। बच्चों को अपनी रचनात्मकता (Creativity) व्यक्त करने और रिश्तों की अहमियत समझने का यह एक बेहतरीन अवसर मिला।




