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मानगो में एनएच-33 के निर्माण में सुस्ती पर भड़के विधायक सरयू राय, दशहरा के बाद आंदोलन की चेतावनी

पारडीह से बालीगुमा-भिलाई पहाड़ तक धूल और गड्ढों से लोग परेशान, एनएचएआई के अधिकारियों पर वादाखिलाफी का आरोप

मानगो में एनएच-33 के निर्माण में सुस्ती पर भड़के विधायक सरयू राय, दशहरा के बाद आंदोलन की चेतावनी

पारडीह से बालीगुमा-भिलाई पहाड़ तक धूल और गड्ढों से लोग परेशान, एनएचएआई के अधिकारियों पर वादाखिलाफी का आरोप

जमशेदपुर- जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (एनएच-33) के निर्माण कार्य में हो रही देरी और करीब आठ किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताई है।

उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों और संवेदक पर सुस्ती बरतने, जनता के हितों की अनदेखी करने तथा जनप्रतिनिधि से किए गए वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि दशहरा के बाद भी सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ और धूल उड़ने की समस्या बनी रही, तो एनएचएआई के अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। इस मामले को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तक भी ले जाया जाएगा।

विधायक सरयू राय ने शनिवार को दर्जनों लोगों के साथ एनएच-33 का बालीगुमा तक निरीक्षण किया। इस दौरान वार्ड पार्षद राजेश सिंह भी उनके साथ थे। निरीक्षण के दौरान सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों, दरारों और उड़ती धूल के कारण लोगों को हो रही परेशानी का जायजा लिया गया।

सरयू राय ने कहा कि बरसात के दौरान सड़क के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सड़क की सतह पर गड्ढे और दरारें बन जाने से वाहनों का परिचालन मुश्किल हो गया है। पैदल चलने वालों को भी परेशानी हो रही है। पारडीह से लेकर बालीगुमा-भिलाई पहाड़ तक वाहनों के गुजरने के साथ धूल का गुबार उठता है, जिससे आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिन-ब-दिन एनएच-33 की स्थिति बदतर होती जा रही है, लेकिन निर्माण कार्य पूरा कराने को लेकर संबंधित अधिकारियों और संवेदक की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

विधायक ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति के विरोध में गत एक अक्टूबर को वार्ड पार्षद राजेश सिंह ने अपने समर्थकों के साथ सड़क पर धरना दिया था। इसके कारण यातायात बाधित होने पर उन्होंने स्वयं पहल करते हुए एनएचएआई के अधिकारियों से वार्ता की थी। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि तीन अक्टूबर से सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा और धूल से राहत देने के लिए सड़क पर पर्याप्त मात्रा में पानी का छिड़काव किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने तीन अक्टूबर को सड़क निर्माण का काम शुरू तो किया, लेकिन यह केवल एक दिन चला। चार अक्टूबर से अब तक निर्माण कार्य बंद पड़ा है। न तो सड़क की मरम्मत की जा रही है और न ही धूल रोकने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। यह स्थिति अधिकारियों की कार्यशैली और उनकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

सरयू राय ने कहा कि एनएच-33 का निर्माण जल्द पूरा होना चाहिए, ताकि लोगों को आवागमन में राहत मिल सके। जनता को गड्ढों, धूल और बदहाल सड़क के बीच रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि दशहरा के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ और धूल की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर मामले को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष उठाया जाएगा।

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