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एनआईटी जमशेदपुर में मना हिंदी दिवस, हिंदी को ज्ञान और नवाचार की भाषा बनाने का आहवान

प्रहलाद जोशी के संदेश का हुआ वाचन, हिंदी में कार्य करने के लिए दिलाई गई शपथ

एनआईटी जमशेदपुर में मना हिंदी दिवस, हिंदी को ज्ञान और नवाचार की भाषा बनाने का आहवान

प्रहलाद जोशी के संदेश का हुआ वाचन, हिंदी में कार्य करने के लिए दिलाई गई शपथ

जमशेदपुर- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। सितंबर माह को हिंदी माह के रूप में मनाए जाने के क्रम में आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी एवं विद्यार्थी शामिल हुए।

कार्यक्रम में भारत सरकार के शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी का हिंदी दिवस संदेश पढ़कर सुनाया गया। अपने संदेश में उन्होंने हिंदी को भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय अस्मिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि देश की विविधता को एकता के सूत्र में जोड़ने वाली भाषा है। सरलता, व्यापकता और आत्मीयता के कारण हिंदी प्रशासन, शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जनसंपर्क का प्रभावी माध्यम बन सकती है।

श्री जोशी ने विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में हिंदी सहित भारतीय भाषाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी में कार्य करना केवल संवैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि अपनी भाषायी विरासत के प्रति सम्मान, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भागीदारी का प्रतीक है।

अपने संदेश के समापन में उन्होंने सभी से हिंदी को ज्ञान, नवाचार, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प की सशक्त भाषा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को इन क्षेत्रों में प्रभावी भाषा बनाना ही हिंदी दिवस की सच्ची सार्थकता होगी। उन्होंने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने संदेश का समापन ‘जय हिंद’ के साथ किया।

इस अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार का संदेश भी प्रस्तुत किया गया। उन्होंने हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ देश की बहुभाषी एवं समावेशी संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्थान के शिक्षक, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं व्यावसायिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदी समिति के अध्यक्ष प्रो. निरंजन कुमार ने हिंदी दिवस के महत्व और हिंदी माह के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी ज्ञान, सृजनात्मकता और सामाजिक जुड़ाव की महत्वपूर्ण भाषा है। उन्होंने संस्थान में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए सभी से सक्रिय भागीदारी का आहवान किया।

कार्यक्रम के दौरान हिंदी में कार्य करने को प्रोत्साहित करने के लिए हिंदी शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित किया गया। उपस्थित शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग और इसके प्रचार-प्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. रजत त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षक, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

हिंदी दिवस के आयोजन ने संस्थान में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने तथा तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय भाषाओं की भूमिका को मजबूत करने का संदेश दिया।

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