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किसान उत्पादक संगठनों एवं प्रगतिशील किसानों के लिए आयोजित हुआ निर्यातोन्मुखी क्षमता विकास कार्यक्रम

कृषि एवं बागवानी उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं पर किसानों को किया गया प्रशिक्षित, एफपीओ को बाजार विस्तार हेतु दी गई जानकारी

किसान उत्पादक संगठनों एवं प्रगतिशील किसानों के लिए आयोजित हुआ निर्यातोन्मुखी क्षमता विकास कार्यक्रम

कृषि एवं बागवानी उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं पर किसानों को किया गया प्रशिक्षित, एफपीओ को बाजार विस्तार हेतु दी गई जानकारी

जमशेदपुर- समाहरणालय सभागार में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), किसान उत्पादक कंपनियों तथा प्रगतिशील किसानों के लिए निर्यातोन्मुखी क्षमता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों एवं एफपीओ को कृषि एवं बागवानी उत्पादों के निर्यात संबंधी अवसरों, प्रक्रियाओं तथा संभावनाओं की जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के ईस्टर्न रीजन हेड श्री सीताकांत मंडल द्वारा प्रतिभागियों को कृषि उत्पादों के निर्यात की प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, मूल्य संवर्धन एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही किसानों को निर्यातोन्मुख खेती अपनाने तथा एफपीओ के माध्यम से संगठित रूप से बाजार से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिले से निर्यात के लिए संभावित कृषि एवं बागवानी उत्पादों की पहचान, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, मूल्य संवर्धन तथा किसानों की आय वृद्धि के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने किसानों एवं एफपीओ प्रतिनिधियों को निर्यात क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराया तथा उन्हें आवश्यक तकनीकी एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, नाबार्ड, कृषि विभाग, जेएसएलपीएस के डीपीएम, विभिन्न एफपीओ के प्रतिनिधि, सभी प्रखंडों के बीपीओ, प्रगतिशील किसान एवं एफपीओ से जुड़ी दीदियों ने भाग लिया।

उपायुक्त ने कहा कि जिले के कृषि एवं बागवानी उत्पादों में व्यापक संभावनाएं हैं। किसानों को संगठित कर, गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पादन एवं विपणन व्यवस्था विकसित कर जिले को निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने संबंधित विभागों एवं संस्थाओं को किसानों के क्षमता विकास एवं बाजार से जोड़ने के लिए समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया।

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