Welcome to न्यू झारखण्ड वाणी   Click to listen highlighted text! Welcome to न्यू झारखण्ड वाणी
Uncategorized

एमजीएम अस्पताल में आधी रात सादे लिबास में पहुंच कोवाली थाना प्रभारी ने पीड़ित पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया

कोवाली थाना प्रभारी पर बुजुर्ग श्यामा प्रसाद बेरा के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों के बीच मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। एमजीएम अस्पताल में इलाजरत पीड़ित के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शिकायत दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी लगातार अस्पताल पहुंचकर मामले को दबाने और शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग की है

एमजीएम अस्पताल में आधी रात सादे लिबास में पहुंच कोवाली थाना प्रभारी ने पीड़ित पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया

जमशेदपुर – कोवाली थाना प्रभारी पर बुजुर्ग श्यामा प्रसाद बेरा के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों के बीच मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। एमजीएम अस्पताल में इलाजरत पीड़ित के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शिकायत दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी लगातार अस्पताल पहुंचकर मामले को दबाने और शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग की है।

दर्द से कराह रहे थे पिता, फिर भी शिकायत वापस लेने को कहा – बेटा

पीड़ित के पुत्र करण बेरा ने बताया कि उनके पिता श्यामा प्रसाद बेरा अभी भी गंभीर शारीरिक पीड़ा से गुजर रहे हैं। उनके शरीर में सूजन है, पैरों में गंभीर चोटें हैं और कुछ भी खाने पर उल्टी हो जा रही है। ऐसे समय में देर रात कोवाली थाना प्रभारी अस्पताल पहुंचे और कथित रूप से शिकायत वापस लेने की बात करने लगे। परिजनों के अनुसार, श्यामा प्रसाद बेरा ने स्पष्ट कहा कि उनकी तबीयत बेहद खराब है और वह फिलहाल किसी भी प्रकार का निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं।

रात एक बजे फिर पहुंचे थाना प्रभारी , बोले- जो हुआ उसे भूल जाइए

परिवार का आरोप है कि पहली मुलाकात के बाद भी मामला नहीं रुका। देर रात करीब एक बजे थाना प्रभारी दोबारा अस्पताल पहुंचे। इस बार वह सादे लिबास में थे। परिजनों का कहना है कि उन्होंने फिर से शिकायत वापस लेने और पूरे मामले को खत्म करने का दबाव बनाया। परिवार के अनुसार, उनसे कहा गया कि “जो हो गया उसे भूल जाइए और शिकायत वापस ले लीजिए।” परिजनों का आरोप है कि एक गंभीर मामले के शिकायतकर्ता परिवार पर इस तरह लगातार दबाव बनाना उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसा है।

परिजनों का दावा- दो बार अस्पताल पहुंचे कोवाली थाना प्रभारी, कहा शिकायत वापस ले लो

करण बेरा ने कहा कि यदि किसी को उनके आरोपों पर संदेह है तो एमजीएम अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच करा ली जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में लगे कैमरे बता देंगे कि थाना प्रभारी कितनी बार अस्पताल आए, किस समय आए और किस उद्देश्य से पीड़ित तथा उसके परिवार से मुलाकात की। परिवार का कहना है कि जब उनके पिता अस्पताल के बेड पर दर्द से कराह रहे हैं, तब भी उन्हें न्याय दिलाने के बजाय शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, परिवार की सुरक्षा तथा कथित दबाव बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!