मणीपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रपति का ऐतिहासिक दौरा: चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा
झारखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण क्षण तब आया, जब भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज मणीपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (एमटीएमसी), जमशेदपुर के परिसर का दौरा किया। यह संस्थान मणीपाल एकेडमी आफ हायर एजुकेशन (एमएएचई) की एक प्रमुख इकाई है। राष्ट्रपति का स्वागत झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री इरफान अंसारी, एमएएचई के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) एम.डी. वेंकटेश (सेवानिवृत्त), मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप के समूह अध्यक्ष सोमनाथ दास तथा टाटा स्टील लिमिटेड के उपाध्यक्ष (कॉर्पोरेट सेवाएँ) डी.बी. सुंदर रामम सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने किया

मणीपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रपति का ऐतिहासिक दौरा: चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा

जमशेदपुर – झारखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण क्षण तब आया, जब भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज मणीपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (एमटीएमसी), जमशेदपुर के परिसर का दौरा किया। यह संस्थान मणीपाल एकेडमी आफ हायर एजुकेशन (एमएएचई) की एक प्रमुख इकाई है।
राष्ट्रपति का स्वागत झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री इरफान अंसारी, एमएएचई के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) एम.डी. वेंकटेश (सेवानिवृत्त), मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप के समूह अध्यक्ष सोमनाथ दास तथा टाटा स्टील लिमिटेड के उपाध्यक्ष (कॉर्पोरेट सेवाएँ) डी.बी. सुंदर रामम सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति द्वारा संकाय सदस्यों, प्रबंधन और विद्यार्थियों के साथ समूह छायाचित्र से हुई। इसके उपरांत उन्होंने परिसर में मियाज़ाकी आम का पौधा रोपित कर हरित पहल को प्रोत्साहन दिया।
नीति परिवर्तन से स्थापित हुआ अनूठा मॉडल
टी.एम.ए. पाई हॉल में आयोजित समारोह में कुलपति ने वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा किए गए महत्वपूर्ण नीतिगत परिवर्तन का उल्लेख किया, जिसके फलस्वरूप देश का पहला निजी कंसोर्टियम मॉडल मेडिकल कॉलेज एमटीएमसी — स्थापित हुआ टाटा स्टील लिमिटेड ने अपने टाटा मेन हॉस्पिटल को शिक्षण अस्पताल के रूप में उपलब्ध कराया, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बीच सशक्त समन्वय स्थापित हुआ।
एमबीबीएस का प्रथम बैच शैक्षणिक सत्र 2020–21 में प्रारंभ हुआ था, जिसके 150 विद्यार्थी मार्च 2026 में स्नातक होने जा रहे हैं। कुलपति ने एमएएचई की गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हुए कुलाधिपति डॉ. रामदास एम. पाई और डॉ. रंजन पाई के नेतृत्व की विशेष सराहना की।
एमएएचई ट्रस्ट के अध्यक्ष ने 1953 में देश के पहले निजी मेडिकल कॉलेज की स्थापना तथा सिक्किम में पहले सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल मेडिकल कॉलेज की स्थापना जैसे ऐतिहासिक कदमों का उल्लेख करते हुए चिकित्सा शिक्षा में मणिपाल समूह की अग्रणी भूमिका पर प्रकाश डाला।
प्रेरणा बनीं पूर्णिमा हेमब्रम
कार्यक्रम का सबसे प्रेरक क्षण तब आया जब द्वितीय वर्ष की छात्रा पूर्णिमा हेमब्रम ने राष्ट्रपति से संवाद करते हुए अपने संघर्ष और संकल्प की कहानी साझा की। झारखंड के एक ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली पूर्णिमा तीन बच्चों की परवरिश और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। उनका लक्ष्य ग्रामीण और वंचित समुदायों के लिए समर्पित चिकित्सक बनना है।
राष्ट्रपति ने पूर्णिमा के अदम्य साहस और समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें समस्त विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने एमटीएमसी की तीव्र प्रगति और छह वर्षों में अर्जित प्रतिष्ठा की भी प्रशंसा की तथा कहा कि परिसर में उन्हें “पूर्णतः घर जैसा अनुभव” हुआ।
अपने संबोधन के अंत में कुलपति ने एमएएचई परिवार की ओर से राष्ट्रपति के बहुमूल्य समय और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
यह ऐतिहासिक यात्रा न केवल एमटीएमसी, बल्कि पूरे झारखंड राज्य के लिए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अवसंरचना के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।



