जमशेदजी नसरवानजी टाटा की 187वीं जयंती की पूर्व संध्या पर आज रेड क्रॉस सोसाईटी के कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों के जीवन को बचाने के लिए एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) दान किया
इस क्रम में जरूरतमंदों के जीवन को बचाने के लिए जहां विवेक कुमार ने अपना पहला एसडीपी डोनेशन किया एवं नियमित 18 रक्तदान उन्होने पूर्व में किया है। इसी प्रकार टाटा स्टील कर्मी और यूनियन कमिटी मेम्बर सहित रेड क्रॉस के सक्रिय कार्यकर्ता विभाष शुक्ला ने 32वां एसडीपी डोनेशन किया, 2 प्लाज्मा डोनेशन तथा 21 नियमित रक्तदान से उन्होने 55 रक्तदान पूरा किया

जमशेदपुर- जमशेदजी नसरवानजी टाटा की 187वीं जयंती की पूर्व संध्या पर आज रेड क्रॉस सोसाईटी के कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों के जीवन को बचाने के लिए एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) दान किया।

इस क्रम में जरूरतमंदों के जीवन को बचाने के लिए जहां विवेक कुमार ने अपना पहला एसडीपी डोनेशन किया एवं नियमित 18 रक्तदान उन्होने पूर्व में किया है। इसी प्रकार टाटा स्टील कर्मी और यूनियन कमिटी मेम्बर सहित रेड क्रॉस के सक्रिय कार्यकर्ता विभाष शुक्ला ने 32वां एसडीपी डोनेशन किया, 2 प्लाज्मा डोनेशन तथा 21 नियमित रक्तदान से उन्होने 55 रक्तदान पूरा किया। टाटा स्टील के ही मुकेश कुमार ने अपना 11वां एसडीपी डोनेशन किया, 17 नियमित रक्तदान के साथ उन्होने अपना 28 रक्तदान पूरा किया। टाटा स्टील कर्मी व यूनियन कमिटी मेम्बर मनोज कुमार मिश्रा ने 21वां एसडीपी डोनेशन किया अपने नियमित 12 रक्तदान से उन्होने कुल 33 रक्तदान किये। रेड क्रॉस के इस अभियान को निरन्तर गति देने वाले एसडीपी व कम्पोनेन्ट डोनेशन प्रभारी प्रभुनाथ सिंह ने इस सप्ताह दो बार अपना एसडीपी दान किया। आज महान जेएन टाटा की जयंती की पूर्व संध्या पर उन्होने विशेष कर उन्हें श्रद्धांजली स्वरूप अपना एसडीपी डोनेशन कर इस अभियान से जुड़े अन्य रक्तदाताओं को प्रोत्साहित कियाश प्रभुनाथ सिंह ने अब तक कुल 93 रक्तदान किया है, जिसमें 56 एसडीपी के साथ 37 नियमित रक्तदान है। आज शतकवीर रक्तदाता एम.वी प्रसाद ने 29वां एसडीपी डोनेशन किया, उन्होने 107 नियमित रक्तदान भी किया है, जिसके साथ उनका कुल रक्तदान 136 हो गया है। रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम के मानद सचिव विजय कुमार सिंह ने जरूरतमंदों के जीवन को बचाने के लिए आगे आने वाले रक्तदाताओं को प्रति आभार व्यक्त किया है और कहा कि इस भूमि पर भगवान स्वरूप जेएन टाटा को नमन करने और मानवता की सेवा को सुदृढ़ करने का यह सशक्त माध्यम है।



