रोटरी क्लब द्वारा डीबीएमएस के 900 से अधिक विद्यार्थियों को शारीरिक सीमाओं, साइबर सुरक्षा और मासिक धर्म स्वच्छता पर किया गया जागरूक
बाल सुरक्षा, ऑनलाइन खतरों और किशोरावस्था से जुड़े स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, रोटरी क्लब ऑफ जमशेदपुर द्वारा डीबीएमएस बी.एच. एरिया में ‘गुड टच, बैड टच’ (जीटीबीटी) और ‘मेनस्ट्रुपीडिया’ पर एक व्यापक जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम से कक्षा 1, 2 और 5 के लगभग 950 विद्यार्थी लाभान्वित हुए। यह कार्यक्रम रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3250 के तहत चलाए जा रहे जिला-स्तरीय बाल सुरक्षा अभियान के अंतर्गत संपन्न हुआ

रोटरी क्लब द्वारा डीबीएमएस के 900 से अधिक विद्यार्थियों को शारीरिक सीमाओं, साइबर सुरक्षा और मासिक धर्म स्वच्छता पर किया गया जागरूक

जमशेदपुर- बाल सुरक्षा, ऑनलाइन खतरों और किशोरावस्था से जुड़े स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, रोटरी क्लब ऑफ जमशेदपुर द्वारा डीबीएमएस बी.एच. एरिया में ‘गुड टच, बैड टच’ (जीटीबीटी) और ‘मेनस्ट्रुपीडिया’ पर एक व्यापक जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम से कक्षा 1, 2 और 5 के लगभग 950 विद्यार्थी लाभान्वित हुए। यह कार्यक्रम रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3250 के तहत चलाए जा रहे जिला-स्तरीय बाल सुरक्षा अभियान के अंतर्गत संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को विद्यार्थियों की आयु और मानसिक विकास के अनुरूप विभिन्न सत्रों में विभाजित किया गया था शारीरिक सुरक्षा की बुनियादी समझ (कक्षा 1 और 2): रोटेरियन हरप्रीत मरवाह, क्लब चेयर (मेनस्ट्रुपीडिया एवं जीटीबीटी) ने प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए सत्र का संचालन किया। उन्होंने सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श, व्यक्तिगत सीमाओं की पहचान तथा किसी भी असहज स्थिति में मदद मांगने के तरीकों पर सरल रूप से प्रकाश डाला

मनोवैज्ञानिक पहलू, साइबर सुरक्षा और कानूनी सजगता (कक्षा 5): रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3250 में इस पहल का नेतृत्व कर रहीं डिस्ट्रिक्ट चेयर (जीटीबीटी) एवं कंसल्टेंट साइकोलॉजिस्ट रोटेरियन प्रीति सैनी (आरसी जमशेदपुर मिडटाउन) ने पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विशेष सत्र का संचालन किया।

प्रारंभिक किशोरावस्था की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे साथियों का प्रभाव, जिज्ञासा और जानकारी का अभाव बच्चों को अनुचित स्पर्श का शिकार या अनजाने में दोषी (culprit) बना सकता है और इनसे बचाव के प्रभावी उपाय क्या हैं। उन्होंने डिजिटल माध्यमों से होने वाले जोखिमों—जैसे ऑनलाइन ग्रूमिंग, वर्चुअल सीमाओं का उल्लंघन और सोशल मीडिया पर असुरक्षित संवाद—के साथ-साथ अपराधबोध और भ्रम जैसी उन मनोवैज्ञानिक बाधाओं पर भी बात की, जो बच्चों को अपनी बात साझा करने से रोकती हैं।

मेनस्ट्रुपीडिया एवं किशोर स्वास्थ्य (कक्षा 5 की छात्राएं) रोटेरियन प्रीति सैनी ने पांचवीं कक्षा की छात्राओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता पर एक विशेष सत्र भी लिया। इसमें उन्होंने प्यूबर्टी के दौरान होने वाले शारीरिक व भावनात्मक बदलावों, स्वच्छता प्रबंधन और समाज में मासिक धर्म से जुड़े भ्रमों को दूर करने पर मार्गदर्शन दिया।
सत्र के प्रति पांचवीं कक्षा के बच्चों की प्रतिक्रिया बेहद भावुक और गहरी रही। संबोधन समाप्त होते ही लगभग 40 से 50 विद्यार्थियों ने वक्ता को घेर लिया। बच्चे व्यक्तिगत तौर पर अपनी शंकाओं के समाधान, संवेदनशील प्रश्नों और अपने निजी अनुभवों को साझा करने के लिए उत्सुक थे। विद्यार्थियों के इस अप्रत्याशित जुड़ाव के कारण कार्यक्रम निर्धारित समय से काफी आगे तक चला और एक दिन में सभी बच्चों की जिज्ञासाओं को पूरी तरह शांत करना संभव नहीं हो सका।
इस अवसर पर रोट्रैक्टर जपलीन कौर भी उपस्थित रहीं।
आयोजक रोटरी क्लब ऑफ जमशेदपुर के अध्यक्ष रोटेरियन विनोद मेनन ने डीबीएमएस के निदेशक एवं रोटरी क्लब ऑफ जमशेदपुर के सदस्य रोटेरियन बाला चंद्रशेखर के प्रति उनके नेतृत्व, आतिथ्य और छात्र कल्याण के प्रति समर्पण के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए सत्र की मॉडरेटर मौमिता घोष हाजरा, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और इंटरैक्टर्स की भी सराहना की गई।




