धर्मरक्षिणी पौरोहित्य महासंघ के तत्वावधान में वेद अध्ययन अनुशीलन केन्द्र साकची में व्रत – त्योहारों के निर्णय पर चर्चा हुई
आज के इस बैठक में जमशेदपुर के विभिन्न स्थानों से आचार्यगण उपस्थित हुए। इस बैठक में सर्व सम्मति से शास्त्रोचित निर्णय लिया गया कि जन्माष्टमी 4 सितम्बर शुक्रवार, हरितालिका (तीज) व्रत 14 सितंबर 2026 सोमवार को उपवास तथा पारण दूसरे दिन यानि 15 सितम्बर मंगलवार को सूर्योदय के बाद होगा। तीज की कथा 14 सितम्बर को सुबह से संध्या तक किया जा सकता है। गणेश पूजा भी 14 सितम्बर को ही संपन्न होगा

जमशेदपुर- आज धर्मरक्षिणी पौरोहित्य महासंघ के तत्वावधान में वेद अध्ययन अनुशीलन केन्द्र साकची में व्रत – त्योहारों के निर्णय पर चर्चा हुई।

आज के इस बैठक में जमशेदपुर के विभिन्न स्थानों से आचार्यगण उपस्थित हुए। इस बैठक में सर्व सम्मति से शास्त्रोचित निर्णय लिया गया कि जन्माष्टमी 4 सितम्बर शुक्रवार, हरितालिका (तीज) व्रत 14 सितंबर 2026 सोमवार को उपवास तथा पारण दूसरे दिन यानि 15 सितम्बर मंगलवार को सूर्योदय के बाद होगा। तीज की कथा 14 सितम्बर को सुबह से संध्या तक किया जा सकता है। गणेश पूजा भी 14 सितम्बर को ही संपन्न होगा। विश्वकर्मा पूजा 17 सितम्बर गुरूवार को किया जाएगा। पितृ पक्ष प्रारंभ 26 सितंबर 2026 शनिवार से तथा समाप्ति 10 अक्टूबर 2026 शनिवार को होगा। जीवित पुत्रिका (जिउतिया) व्रत 3 अक्टूबर 2026 शनिवार को उपवास तथा इस व्रत का पारण 4 अक्टूबर 2026 रविवार को प्रातः 7 : 27 के बाद होगा। शारदीय नवरात्र प्रारंभ 11 अक्टूबर 2026 रविवार को कलश स्थापना होगा। महासंघ के अध्यक्ष पंo बिपिन झा नें अपने संबोधन में कहा कि अपने यजमान के साथ समय का सामंजस्य बनाकर सभी पुरोहित गण कथा का समय सुनिश्चित करके अपने धर्म का पालन करें।
इस बैठक में उपस्थित रहे पंo उमेश कुमार तिवारी (सचिव), पंo मुन्ना पाण्डेय (प्रवक्ता), पंo सतेन्द्र पाण्डेय, पंo आनन्द पाण्डेय, पंo कुमुद रंजन झा, पंo संतोष झा, पंo विद्यार्थी पाण्डेय तथा और भी आचार्यगण उपस्थित रहे।


