मोतीलाल नेहरू स्कूल का दौरा बेहद खास और प्रेरणादायक रहा, जहाँ स्कूल की प्रधानाचार्या संगीता सिंह से मिलकर आगामी ‘रक्षाबंधन प्रतियोगिता’ के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं
विवेकानंद इंग्लिश हाईस्कूल, चिनाव रोड, साकची (जमशेदपुर) का दौरा कर विद्यालय की प्राचार्या के. मित्रा से मुलाकात की गई

जमशेदपुर- आज मोतीलाल नेहरू स्कूल का दौरा बेहद खास और प्रेरणादायक रहा, जहाँ स्कूल की प्रधानाचार्या संगीता सिंह से मिलकर आगामी ‘रक्षाबंधन प्रतियोगिता’ के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। यह विजिट स्कूल और देश के प्रति एक नया और आत्मीय अध्याय जोड़ेगा, क्योंकि इस दौरान एक बेहद भावुक करने वाली बात सामने आई। संगीता मैडम ने साझा किया कि उनका कोई सगा भाई नहीं है और बीते 35 वर्षों से उन्होंने किसी की कलाई पर राखी नहीं बांधी है। लेकिन भारतीय डाक सेवा की इस अनूठी पहल से प्रभावित होकर, उन्होंने जीवन में पहली बार देश की सीमाओं पर तैनात और हमारी रक्षा में दिन-रात मुस्तैद रहने वाले जांबाज सैनिकों को ‘स्पीड पोस्ट’ के जरिए राखी भेजने का एक पावन संकल्प लिया है। उनके कई पूर्व छात्र भी आज भारतीय सेना का हिस्सा बनकर मातृभूमि की सेवा में समर्पित हैं, जिससे यह पहल उनके लिए और भी गौरवमयी हो जाती है। यह प्रयास न केवल कोरियर के इस आधुनिक दौर में भारतीय डाक विभाग की मेहनत को एक नई पहचान देगा, बल्कि सरहद पर तैनात हमारे रक्षकों के चेहरों पर भी एक सच्ची मुस्कान बिखेर कर उन्हें यह एहसास कराएगा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
जमशेदपुर- आज विवेकानंद इंग्लिश हाईस्कूल, चिनाव रोड, साकची (जमशेदपुर) का दौरा कर विद्यालय की प्राचार्या के. मित्रा से मुलाकात की गई। मुलाकात के दौरान उनसे आगामी रक्षाबंधन पर्व के शुभ अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए विशेष रक्षाबंधन/राखी प्रतियोगिता आयोजित करने का विनम्र निवेदन किया गया।
बातचीत के दौरान प्राचार्या के. मित्रा ने भारत सरकार एवं डाक विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर डाक विभाग द्वारा उठाया गया यह कदम अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि आज के डिजिटल दौर में बच्चों, विशेषकर बहनों में पारंपरिक रूप से डाक द्वारा राखी भेजने की भावना धीरे-धीरे कम होती जा रही है। ऐसे समय में डाक संस्कृति और इस पारंपरिक भावना को जीवित रखने के लिए यह प्रतियोगिता बेहद सार्थक सिद्ध होगी।
प्राचार्या ने सहर्ष इस प्रतियोगिता के आयोजन की अनुमति दी और विश्वास जताया कि विद्यालय में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में छात्राओं के साथ-साथ छात्र भी बढ़-चढ़कर भाग लेंगे, जिससे बच्चों में हमारी समृद्ध परंपराओं और डाक विभाग के प्रति जुड़ाव बना रहेगा।




