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एनआईटी जमशेदपुर में देशभक्ति के उत्साह के साथ मना 80वां स्वतंत्रता दिवस

निदेशक प्रो. गौतम सुत्रधर ने कहा कि शिक्षा, शोध, नवाचार और सतत विकास के माध्यम से विकसित भारत में योगदान दे संस्थान

एनआईटी जमशेदपुर में देशभक्ति के उत्साह के साथ मना 80वां स्वतंत्रता दिवस

निदेशक प्रो. गौतम सुत्रधर ने कहा कि शिक्षा, शोध, नवाचार और सतत विकास के माध्यम से विकसित भारत में योगदान दे संस्थान

जमशेदपुर- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। संस्थान परिसर में आयोजित समारोह में निदेशक प्रो. गौतम सुत्रधर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उपनिदेशक प्रो. आर.वी. शर्मा, कुलसचिव प्रो. एस.के. षाडंगी , अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए निदेशक प्रो. गौतम सुत्रधर ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में एनआईटी जमशेदपुर का दायित्व केवल उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि शोध, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देना है।

एनआईटी जमशेदपुर को हरित पहल में राष्ट्रीय पहचान
निदेशक ने संस्थान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एनआईटी जमशेदपुर ने शिक्षा और शोध के साथ-साथ सतत विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहचान बनाई है।

उन्होंने बताया कि संस्थान को National Green University Ranking (NGUR) 2026 में भारत की Top 50 Green Universities में स्थान प्राप्त हुआ है। एनआईटी जमशेदपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर 28वां स्थान हासिल करते हुए Gold Rating प्राप्त की है।

यह सम्मान संस्थान की sustainability, climate action, environmental stewardship तथा responsible higher education के प्रति प्रतिबद्धता को मान्यता देता है। यह उपलब्धि एनआईटी जमशेदपुर के हरित परिसर, पर्यावरणीय जागरूकता और सतत विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है।

प्रो. सुत्रधर ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों को ऐसी तकनीकों और कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देना चाहिए, जो आर्थिक एवं तकनीकी प्रगति के साथ-साथ पर्यावरण के संरक्षण में भी सहायक हों।

NIRF में 82वां स्थान

निदेशक ने कहा कि संस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक स्थिति को भी लगातार मजबूत किया है। NIRF 2025 की Engineering Ranking में एनआईटी जमशेदपुर ने 82वां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने इसे संस्थान के शिक्षकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य आने वाले वर्षों में शिक्षा और शोध की गुणवत्ता को और बेहतर बनाते हुए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान को मजबूत करना है।

5G, शोध एवं नवाचार पर विशेष जोर

प्रो. सुत्रधर ने संस्थान में स्थापित 5G Use Case Lab का उल्लेख करते हुए कहा कि अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उभरती हुई प्रौद्योगिकियों पर कार्य करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संस्थान में शोध, नवाचार, उद्यमिता तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसका उद्देश्य प्रयोगशालाओं और शोध को वास्तविक जीवन की समस्याओं तथा औद्योगिक आवश्यकताओं से जोड़ना है।

एम बी ए कार्यक्रम से शैक्षणिक विस्तार

निदेशक ने संस्थान के शैक्षणिक विस्तार के तहत शुरू किए गए दो वर्षीय पूर्णकालिक आवासीय MBA कार्यक्रम को भी महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रबंधन, तकनीक, नेतृत्व और उद्यमिता के क्षेत्र में भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा।

विकसित भारत @2047 के लिए सामूहिक प्रयास

प्रो. सुत्रधर ने विद्यार्थियों और शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे ज्ञान, नवाचार और अनुसंधान को राष्ट्र सेवा का माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में देश के तकनीकी संस्थानों और युवा पीढ़ी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि एनआईटी जमशेदपुर की प्रत्येक उपलब्धि पूरे एनआईटी परिवार की सामूहिक उपलब्धि है। हमारा लक्ष्य ऐसा संस्थान बनाना है जहां उत्कृष्ट शिक्षा, उच्चस्तरीय शोध, नवाचार, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा एक साथ आगे बढ़ें

उन्होंने विद्यार्थियों से आहवान किया कि वे नए विचारों के साथ आगे आएं, नवाचार को अपनाएं और अपनी प्रतिभा का उपयोग देश के विकास में करें। उन्होंने कहा कि संस्थान की प्रगति का वास्तविक उद्देश्य ऐसे जिम्मेदार और सक्षम युवा तैयार करना है, जो भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में अपना योगदान दे सकें।

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान परिसर में देशभक्ति और उत्साह का वातावरण रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण सतत विकास और विकसित भारत के संकल्प के साथ हुआ

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