झारखंड के हक और अधिकारों पर बड़ा हमला, संसद में विधेयक पारित होना राज्य के लिए काला दिन- संजीव सरदार
केंद्र द्वारा पारित इस विधेयक का असर राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी पड़ेगा - विधायक संजीव सरदार

झारखंड के हक और अधिकारों पर बड़ा हमला, संसद में विधेयक पारित होना राज्य के लिए काला दिन- संजीव सरदार
केंद्र द्वारा पारित इस विधेयक का असर राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी पड़ेगा – विधायक संजीव सरदार
जमशेदपुर- पोटका विधायक संजीव सरदार ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह विधेयक झारखंड के खनिज संपदा और राज्य के अधिकारों को कमजोर करने वाला है। उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती से निकलने वाले खनिजों पर पहला अधिकार झारखंड की जनता और राज्य का होना चाहिए।
विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार पर झारखंड का लगभग 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का बकाया है, जिसका भुगतान अब तक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जब पहले से ही झारखंड के हक का इतना बड़ा बकाया केंद्र सरकार नहीं दे रही है, तो इस विधेयक के बाद राज्य के अधिकार और राजस्व दोनों को और कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड अपने संवैधानिक अधिकारों और खनिज संपदा पर राज्य के हक की लड़ाई मजबूती से लड़ेगा। “जल, जंगल और जमीन के साथ झारखंड की खनिज संपदा भी यहां की जनता की है और इसके अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा
विधेयक का असर राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी पड़ेगा
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि इस विधेयक का असर राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी पड़ सकता है। सामाजिक सुरक्षा के साथ ही मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि, गुरुजी क्रेडिट कार्ड, उन्नति का पहिया और सर्वजन पेंशन जैसी योजनाओं के लिए राज्य के राजस्व संसाधन महत्वपूर्ण हैं। खनिज राजस्व और राज्य के अधिकार कमजोर होने से आने वाले समय में ऐसी जनहितकारी योजनाओं के संचालन और विस्तार पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है




