पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया और ब्रेन मलेरिया से अब तक चार मरीज की मौत हो गई है, जबकि जिले के विभिन्न अस्पतालों में कई लोग इलाजरत हैं
एमजीएम मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के शिशु विशेषज्ञ डॉक्टर राघवेंद्र कुमार ने बताया कि अभी भी एमजीएम अस्पताल के विभिन्न वार्ड और आईसीयू में लगभग 10-15 से अधिक मरीज भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या मलेरिया को लोग हल्के में लेते हैं। जब मर्ज़ बढ़ जाता है, हालत नाजुक हो जाते हैं,तब अस्पताल का रूख करते हैं और काफी देर से यहां आते हैं। कई मरीजों में सांस की समस्या होती है। उन्हें ऑक्सीजन का सपोर्ट दिया जाता है
जमशेदपुर- पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया और ब्रेन मलेरिया से अब तक चार मरीज की मौत हो गई है, जबकि जिले के विभिन्न अस्पतालों में कई लोग इलाजरत हैं।
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एमजीएम मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के शिशु विशेषज्ञ डॉक्टर राघवेंद्र कुमार ने बताया कि अभी भी एमजीएम अस्पताल के विभिन्न वार्ड और आईसीयू में लगभग 10-15 से अधिक मरीज भर्ती हैं।
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उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या मलेरिया को लोग हल्के में लेते हैं। जब मर्ज़ बढ़ जाता है, हालत नाजुक हो जाते हैं,तब अस्पताल का रूख करते हैं और काफी देर से यहां आते हैं। कई मरीजों में सांस की समस्या होती है। उन्हें ऑक्सीजन का सपोर्ट दिया जाता है।
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उन्होंने बताया कि ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र से मरीज आ रहे हैं। जिसमें पोटका, मुसाबनी, घाटशिला, पटमदा, डुमरिया आदि ग्रामीण क्षेत्र आते हैं। सबसे मुश्किल छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाओं को लेकर है।
उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के अंदर दो बच्चे ऐसे आए, जिनकी स्थिति काफी खराब थी। जिसमें एक की मौत सवेरे 3:00 बजे हो गई है, जबकि दूसरे की स्थिति लगातार ठीक हो रही है।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं और ठीक होकर जा रहे हैं। आज भी तीन-चार मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं।
सुकरमनी बिरहोर मुसाबनी कस्तूरबा हॉस्टल में रहकर पढ़ती थी। वहां तबीयत खराब होने के बाद उन्हें हॉस्टल से अस्पताल भेजा गया। वहां के अस्पताल से उन्हें एमजीएम रेफर कर दिया गया है। खून ,पानी चढ़ाने के साथ-साथ इंजेक्शन भी दिया गया है। इसकी स्थिति में सुधार है।
वही रुद्रदेव सिंह मुंडा कुचाई सरायकेला से तीन वर्षीय बेटे सुनील मुंडा को लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि अभी बच्चे की स्थिति में सुधार है, लेकिन आज सवेरे से सर में काफी दर्द है। हल्का-हल्का बदन भी गर्म हो रहा है। डॉक्टर अच्छी तरह देख रहे हैं।
वहीं डुमरिया प्रखंड के 8 वर्षीय मंजुला सरदार भी मलेरिया से पीड़ित है। उसे भी खून और पानी चढ़ाया गया है।
दूसरी ओर अजीत कच्छप गालूडीह लालभट्टा से आए हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से भर्ती है। उसे खून और पानी चढ़ाया गया है। मलेरिया का इंजेक्शन दिया गया है।
दूसरी ओर संतोषमनी बिरहोर भी मलेरिया से पीड़ित है। उसका भी इलाज चल रहा है।

