बीटीटीडी-2026 का सफल समापन: सीएसआईआर-एनएमएल, जमशेदपुर में भावी धातुकर्मियों को मिला नया मंच
धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी के क्षेत्र में छात्रों के लिए आयोजित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संगोष्ठी “बिहाइंड द टीचर्स डेस्क (BTTD-2026)” के 15वें संस्करण का आज सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला, जमशेदपुर में सफलतापूर्वक समापन हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन ने युवा धातुकर्मियों के लिए ज्ञान-विनिमय, नवाचार और उद्योग-अकादमिक संवाद का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया

बीटीटीडी-2026 का सफल समापन: सीएसआईआर-एनएमएल, जमशेदपुर में भावी धातुकर्मियों को मिला नया मंच

जमशेदपुर- धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी के क्षेत्र में छात्रों के लिए आयोजित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संगोष्ठी “बिहाइंड द टीचर्स डेस्क (BTTD-2026)” के 15वें संस्करण का आज सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला, जमशेदपुर में सफलतापूर्वक समापन हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन ने युवा धातुकर्मियों के लिए ज्ञान-विनिमय, नवाचार और उद्योग-अकादमिक संवाद का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया।

भारतीय धातु संस्थान (IIM), जमशेदपुर चैप्टर द्वारा सीएसआईआर-एनएमएल, टाटा स्टील लिमिटेड तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), जमशेदपुर के सहयोग से आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देशभर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से 160 से अधिक छात्रों एवं विशिष्ट वक्ताओं ने भाग लिया। संगोष्ठी के दौरान समानांतर तकनीकी सत्रों में कुल 101 शोध-पत्रों की प्रस्तुति हुई, जिनमें धातुकर्म एवं पदार्थ विज्ञान के विविध महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

संगोष्ठी के दूसरे दिन जिंदल स्टील लिमिटेड के अनुसंधान एवं विकास (R&D) विभाग के उपाध्यक्ष डॉ. विवेक श्रीवास्तव ने आर एंड डी, नवाचार और भारतीय निर्माण का भविष्य: एक जोखिम प्रबंधन दृष्टिकोण*” विषय पर एक प्रेरणादायी मुख्य व्याख्यान दिया। इस सत्र की अध्यक्षता सीएसआईआर-एनएमएल के मुख्य वैज्ञानिक एवं एमईआर प्रभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने की।
तकनीकी प्रस्तुतियों के अतिरिक्त, इस वर्ष मेटा रील्स स्टूडेंट्स डिबेट तथा स्टूडेंट-फैकल्टी इंटरैक्शन जैसे विशेष सत्रों का भी आयोजन किया गया। इन नवाचारपूर्ण गतिविधियों ने प्रतिभागियों के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा दिया तथा भविष्य में इस संगोष्ठी को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए उपयोगी सुझाव प्राप्त हुए।
समापन समारोह का शुभारंभ भारतीय धातु संस्थान जमशेदपुर चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. अतनु रंजन पाल के स्वागत उदबोधन से हुआ। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए बीटीटीडी-2026 की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात् सीएसआईआर-एनएमएल के मुख्य वैज्ञानिक एवं बीटीटीडी-2026 के उपाध्यक्ष डॉ. गोपी किशोर मंडल ने संगोष्ठी की प्रमुख उपलब्धियों एवं निष्कर्षों का सार प्रस्तुत किया। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि विशेषज्ञ व्याख्यानों, छात्र प्रस्तुतियों, क्विज़ प्रतियोगिताओं एवं औद्योगिक भ्रमणों का समावेश इस कार्यक्रम को अत्यंत प्रभावी एवं शिक्षाप्रद बनाता है।
समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 26 छात्रों को सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार से सम्मानित किया गया जबकि ऑनलाइन मेटा-क्विज़ प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दो छात्रों को भी पुरस्कृत किया गया। पुरस्कारों की घोषणा सीएसआईआर-एनएमएल के प्रधान वैज्ञानिक एवं बीटीटीडी-2026 के संयोजक ललित कुमार मीणा ने की कार्यक्रम के अंत में सीएसआईआर-एनएमएल के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. वी. सी. श्रीवास्तव ने समापन टिप्पणी प्रस्तुत की।
सांध्यकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम ने आयोजन में उत्साह और रंग भर दिए, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी विविध प्रतिभाओं का मनमोहक प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का समापन टाटा स्टील के प्रधान वैज्ञानिक एवं बीटीटीडी-2026 के संयोजक मनीष भादू द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों तथा सहयोगी संस्थानों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सामूहिक प्रयासों से यह आयोजन अत्यंत सफल रहा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 19 जून 2026 को प्रतिभागियों के लिए विशेष औद्योगिक भ्रमण का आयोजन किया गया है। इसके अंतर्गत छात्र टाटा स्टील लिमिटेड, टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स (गम्हरिया), टाटा टिनप्लेट तथा सीएसआईआर-एनएमएल का दौरा करेंगे। यह भ्रमण उन्हें उद्योग जगत की कार्यप्रणाली को निकट से समझने तथा व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगा। इस प्रकार बीटीटीडी-2026 ने अकादमिक जगत और उद्योग के बीच सेतु निर्माण के अपने उद्देश्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया।




