लोयोला स्कूल टेल्को के प्रवेश द्वार पर बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कब तक?
लोयोला स्कूल, टेल्को के मुख्य प्रवेश द्वार के पास GAIL India के ठेकेदार द्वारा किए जा रहे कार्य में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है। जहाँ प्रतिदिन हजारों बच्चे, अभिभावक और शिक्षक आते-जाते हैं, वहाँ न तो पर्याप्त और सुरक्षित बैरिकेडिंग है, न उचित सुरक्षा घेरा। निर्माण कार्य के कारण धूल-मिट्टी उड़ रही है और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन जागेगा?

लोयोला स्कूल टेल्को के प्रवेश द्वार पर बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कब तक?

जमशेदपुर- लोयोला स्कूल, टेल्को के मुख्य प्रवेश द्वार के पास GAIL India के ठेकेदार द्वारा किए जा रहे कार्य में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है।

जहाँ प्रतिदिन हजारों बच्चे, अभिभावक और शिक्षक आते-जाते हैं, वहाँ न तो पर्याप्त और सुरक्षित बैरिकेडिंग है, न उचित सुरक्षा घेरा। निर्माण कार्य के कारण धूल-मिट्टी उड़ रही है और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन जागेगा?
बच्चों की सुरक्षा कोई मामूली विषय नहीं है। निर्माण एजेंसी और संबंधित ठेकेदार की पहली जिम्मेदारी है कि कार्यस्थल को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए और आने-जाने वाले बच्चों को किसी भी संभावित खतरे से बचाया जाए।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग है। स्थल का तुरंत निरीक्षण कराया जाए, उचित बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा घेरा लगाया जाए और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
हजारों बच्चों की जिंदगी और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।
सुरक्षा पहले — निर्माण कार्य बाद में।
लापरवाही नहीं, जवाबदेही चाहिए!




