इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया (ECI) ज्ञानेश कुमार कि धांधली ने देश के लोकतंत्र को खत्म करने का काम किया है
समाजवादी प्रदेश प्रवक्ता ने मुखर होकर बोले कि इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया (ECI) ने पूरे भारत की लोकतंत्र को खत्म करने का काम किया हैं, जहां भारत अपने प्रभुता ओर लोकतांत्रिक के लिए जाना जाता हैं पूरे विश्व भर में वहां इलेक्शन कमिशन के प्रमुख ज्ञानेश कुमार ने बताया ओर दिखाया कि किस तरह से देश के लोकतंत्र को कमज़ोर करने का काम किया है बीते 10 महीनों में वह भी 14 बार

इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया (ECI) ज्ञानेश कुमार कि धांधली ने देश के लोकतंत्र को खत्म करने का काम किया है
जमशेदपुर- समाजवादी प्रदेश प्रवक्ता ने मुखर होकर बोले कि इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया (ECI) ने पूरे भारत की लोकतंत्र को खत्म करने का काम किया हैं, जहां भारत अपने प्रभुता ओर लोकतांत्रिक के लिए जाना जाता हैं पूरे विश्व भर में वहां इलेक्शन कमिशन के प्रमुख ज्ञानेश कुमार ने बताया ओर दिखाया कि किस तरह से देश के लोकतंत्र को कमज़ोर करने का काम किया है बीते 10 महीनों में वह भी 14 बार
हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस अखबार के जरिए पूरे भारत को पता चला है कि इलेक्शन कमिशन प्रमुख ज्ञानेश कुमार ने अपनी मनमर्जी चलाते हुए किस तरह से नए वोटर को जोड़ा ओर पुराने वोटरों को काटा है जो कि लोकतंत्र को दबाने का कोशिश किया है।
वर्ष 2003 में देश के अंदर एक कानून लागू हुआ था जिसमें सेक्शन 16 के तहत किसी भी इलेक्शन कमिशन के पद या पद छोड़ने के बाद भी उसके ऊपर कोई कानूनी प्रक्रिया या क्रिमिनल केस नहीं चल सकता है या कानून को 2 फरवरी 2024 में पूर्ण रूप से लागू किया गया था जो कि केंद्र की सरकार भाजपा जानती थी कि कल देश में किसी ना किसी तरीके से इलेक्शन कमिशन की चोरी सामने आएगी तो दिक्कत बढ़ जाएगी ओर इससे बचने के लिए ही या कानून को पहले से ही लागू कर दिया गया था ओर आज देश के अंदर ऐसा ही दिख रहा हैं एक तरफ़ पूरा देश में युवाओं की आवाज़ बुलंद होने लगी ज्ञानेश कुमार की इस्तीफ़ा ओर कानूनी प्रक्रिया चलाने के लिए लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार इस सोची समझी को वोट चोरी से बचने के लिए पहले से तैयारी कर ली हैं।
समाजवाद विचार धारा पूरे देश में अब यह मांग करती हैं कि ज्ञानेश कुमार कि इस्तीफ़ा जल्द से जल्द खुद से स्वतः दे दें ताकि लोकतंत्र बरकरार रहे बंगाल चुनाव या बिहार चुनाव या बाकी और चुनाव जो बीते 2 सालों में हुई हैं वह सब चुनाव में घोर धांधली के द्वारा भाजपा जीती हैं इसमें कोई दो राय नहीं हैं। भाजपा पहले कई मीडिया संस्थान को डैमेज की तकि कोई भाजपा के खिलाफ समाचार ना छापे ओर फिर बाद में इलेक्शन कमिशन ज्ञानेश कुमार के जरिए भारत के वोटरों का हक़ छीनने की कोशिश की हैं।

