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गोपाल यादव के विरुद्ध साइबर थाना में शिकायत दर्ज

सोशल मीडिया पर विधायक सरयू राय की छवि खराब करने का प्रयास किया था गोपाल यादव ने

गोपाल यादव के विरुद्ध साइबर थाना में शिकायत दर्ज

सोशल मीडिया पर विधायक सरयू राय की छवि खराब करने का प्रयास किया था गोपाल यादव ने

जमशेदपुर- जनता दल (यूनाइटेड) के युवा मोर्चा के प्रदेश महासचिव पप्पू सिंह और जनता दल (यूनाइटेड) के युवा मोर्चा के पूर्वी सिंहभूम के जिलाध्यक्ष नीरज सिंह ने साइबर थाना प्रभारी, बिष्टुपुर को आवेदन देकर सहारा सिटी, मानगो निवासी गोपाल यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की अपील की है इन दोनों नेताद्वय ने फेसबुक लाइव के माध्यम से विधायक सरयू राय की छवि को धूमिल करने, झूठे भ्रष्टाचार के झूठे एवं मनगढ़ंत आरोप लगाने तथा अनर्गल बयानबाजी कर जमशेदपुर का माहौल खराब करने का काम किया है।
पप्पू सिंह और नीरज सिंह ने आवेदन में लिखा है कि 21 अप्रैल को गोपाल यादव ने अपने फेसबुक अकाउंट के माध्यम से लाइव आकर जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक सरयू राय के विरुद्ध भ्रष्टाचार में संलिप्त होने तथा जानबूझकर विकास कार्यों में भ्रष्टाचार करने के निराधार, असत्य एवं मनगढ़ंत आरोप लगाए गए हैं।
जदयू नेताओं के अनुसार, उक्त लाइव वीडियो में लगाए गए आरोप पूर्णतः झूठे, आधारहीन एवं दुर्भावनापूर्ण हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य स्पष्ट रूप से विधायक की सामाजिक एवं राजनीतिक छवि को धूमिल करना, उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना तथा आम जनता के बीच उनके प्रति अविश्वास उत्पन्न करने के साथ- साथ भ्रम पैदा कर क्षेत्र का माहौल खराब करना है।
पप्पू सिंह और नीरज सिंह के अनुसार, उपर्युक्त लिखित कृत्य एक आपराधिक कृत्य है, जिसका एकमात्र उदेश्य येन-केन-प्रकारेण जाल-फ़रेब कर व ग़लत सूचना प्रसारित कर लोगों के बीच विधायक सरयू राय को बदनाम करने की नीयत है। इसके साथ ही गोपाल यादव की मंशा समाज में उत्तेजना फैलाकर शहर का माहौल खराब करने एवं आपसी सौहार्द बिगाड़ने की है। यह जान-बूझकर मिथ्या आरोप लगाने एवं एक जनप्रतिनिधि की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचाने का आपराधिक कृत्य भी है। यह आपराधिक कृत्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित किया गया है, यह समाज की शांति भंग करने एवं सामाजिक सदभाव पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की सोची समझी साज़िश का हिस्सा है। इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध उचित आपराधिक धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर मामले की गहन जांच करने का आग्रह किया गया है। जांचोपरांत दोषी/दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्यवाही जरूरी है।

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