कन्वोकेशन से वंचित छात्राओं को शामिल करने की गारंटी दे विश्वविद्यालय प्रशासन – झारखण्ड छात्र मोर्चा
झारखण्ड छात्र मोर्चा के कोल्हान सचिव पप्पू यादव ने जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि आगामी 08 सितंबर 2026 को होने वाले कन्वोकेशन समारोह में उन सभी छात्राओं को शामिल करने की स्पष्ट और लिखित गारंटी दी जाए, जिन्हें पूर्व में सीट की कमी का हवाला देकर कन्वोकेशन में शामिल होने से वंचित किए जाने की बात सामने आई थी

कन्वोकेशन से वंचित छात्राओं को शामिल करने की गारंटी दे विश्वविद्यालय प्रशासन – झारखण्ड छात्र मोर्चा
जमशेदपुर- झारखण्ड छात्र मोर्चा के कोल्हान सचिव पप्पू यादव ने जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि आगामी 08 सितंबर 2026 को होने वाले कन्वोकेशन समारोह में उन सभी छात्राओं को शामिल करने की स्पष्ट और लिखित गारंटी दी जाए, जिन्हें पूर्व में सीट की कमी का हवाला देकर कन्वोकेशन में शामिल होने से वंचित किए जाने की बात सामने आई थी।
पप्पू यादव ने कहा कि झारखण्ड छात्र मोर्चा द्वारा पूर्व में इस मामले को लगातार समाचार पत्रों एवं सार्वजनिक मंचों के माध्यम से उठाया गया था। हमारा स्पष्ट आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्णय के कारण सैकड़ों छात्राएं अपने जीवन के महत्वपूर्ण कन्वोकेशन समारोह में शामिल होने के अधिकार से वंचित हो रही थीं।
लेकिन आज 04 सितंबर 2026 को प्रभात खबर में प्रकाशित समाचार से यह जानकारी मिली है कि पूर्व में वंचित की जा रही छात्राओं को भी कन्वोकेशन समारोह में शामिल किया जाएगा। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने वास्तव में सभी संबंधित छात्राओं को कन्वोकेशन में शामिल करने का निर्णय लिया है, तो विश्वविद्यालय प्रशासन इसे 05 सितंबर 2026 तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करते हुए इसकी गारंटी दे।
झारखण्ड छात्र मोर्चा यह स्पष्ट करना चाहता है कि केवल समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होना पर्याप्त नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी छात्रा को कन्वोकेशन समारोह में प्रवेश अथवा बैठने के लिए सीट की कमी का हवाला देकर वंचित नहीं किया जाएगा।
05 सितंबर तक स्पष्ट जवाब नहीं मिला तो एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी
पप्पू यादव ने घोषणा की कि यदि 05 सितंबर 2026 तक जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी संबंधित छात्राओं को कन्वोकेशन में शामिल किए जाने की स्पष्ट एवं ठोस गारंटी नहीं दी जाती है, तो वे 08 सितंबर 2026 को कन्वोकेशन समारोह के उसी स्थल पर एक दिवसीय भूख हड़ताल करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि छात्राओं के अधिकार और उनके चार वर्षों की मेहनत के सम्मान के लिए है। जिन छात्राओं ने वर्षों तक मेहनत कर अपनी डिग्री पूरी की है, उन्हें अपने जीवन के इस महत्वपूर्ण अवसर से वंचित करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
विश्वविद्यालय प्रशासन से हमारी मांग है कि इस मामले में तत्काल स्थिति स्पष्ट की जाए और सभी पात्र छात्राओं के कन्वोकेशन में सम्मानपूर्वक शामिल होने की व्यवस्था की जाए।
यदि समय-सीमा के भीतर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्पष्ट गारंटी नहीं दी जाती है और इसके बाद भूख हड़ताल की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।



