टाटा स्टील कलर्स एम्प्लॉई यूनियन एवं प्रबंधन के बीच कर्मचारियों के वेज/ग्रेड रिवीजन से संबंधित समझौता सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ
यह समझौता उप श्रमायुक्त अरविंद कुमार की उपस्थिति में किया गया। समझौते के दौरान प्रबंधन और यूनियन दोनों पक्षों ने औद्योगिक शांति, आपसी विश्वास और कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि बताते हुए भविष्य में भी मिल-जुलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने प्रबंधन के सकारात्मक दृष्टिकोण, सहयोगपूर्ण रवैये तथा कर्मचारियों के हित में लिए गए निर्णयों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूनियन और प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल से न केवल कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, बल्कि संस्थान की प्रगति और औद्योगिक सौहार्द भी और मजबूत होगा। उन्होंने आगे भी प्रबंधन के साथ मिलकर रचनात्मक ढंग से कार्य करने की यूनियन की प्रतिबद्धता दोहराई

टाटा स्टील कलर्स एम्प्लॉई यूनियन एवं प्रबंधन के बीच कर्मचारियों के वेज/ग्रेड रिवीजन से संबंधित समझौता सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। यह समझौता उप श्रमायुक्त अरविंद कुमार की उपस्थिति में किया गया। समझौते के दौरान प्रबंधन और यूनियन दोनों पक्षों ने औद्योगिक शांति, आपसी विश्वास और कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि बताते हुए भविष्य में भी मिल-जुलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस अवसर पर यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने प्रबंधन के सकारात्मक दृष्टिकोण, सहयोगपूर्ण रवैये तथा कर्मचारियों के हित में लिए गए निर्णयों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूनियन और प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल से न केवल कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, बल्कि संस्थान की प्रगति और औद्योगिक सौहार्द भी और मजबूत होगा। उन्होंने आगे भी प्रबंधन के साथ मिलकर रचनात्मक ढंग से कार्य करने की यूनियन की प्रतिबद्धता दोहराई।
यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष विजय खान ने कहा कि आज के औद्योगिक परिस्थिति को देखते हुए यह समझौता काफी सराहनीय है और उन्होंने इसके लिए यूनियन के अध्यक्ष , महामंत्री , डिप्टी प्रेसिडेंट , यूनियन के सभी पदाधिकारी और कमेटी मेंबर्स , और टाटा स्टील कलर्स के एमडी प्रवीण थम्पी सीएचआरओ नीना बहुदुर , प्लांट हेड इंद्रनील विश्वास डीजीएम राजेश त्रिपाठी का आभार व्यक्त किया।
वहीं, कंपनी के प्रबंध निदेशक प्रवीण वी थंपी ने यूनियन द्वारा किए जा रहे सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यूनियन ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारीपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रबंधन कर्मचारियों के कल्याण, संस्थान की उन्नति और आपसी सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने के लिए यूनियन के साथ खड़ा रहेगा तथा भविष्य में भी हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
इस महत्वपूर्ण समझौते को सफल बनाने में वेज कमेटी के तीनों सदस्यों— संजय कुमार सिंह, महासचिव अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, डिप्टी प्रेसिडेंट; एवं हुसैनुल ओला कादरी, उपाध्यक्ष—के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की गई। प्रबंध निदेशक और यूनियन अध्यक्ष दोनों ने उनके सतत प्रयास, बेहतर समन्वय तथा कर्मचारियों के हित में किए गए योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनके प्रयासों से समझौते को सकारात्मक रूप से अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण सहायता मिली।
समझौते के बाद दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ कंपनी और यूनियन के संबंधों को और मजबूत करेगी। यूनियन और प्रबंधन ने संयुक्त रूप से कहा कि औद्योगिक सौहार्द, संवाद और सहयोग की परंपरा को आगे भी बनाए रखा जाएगा।
प्रवीण V. थंपी — प्रबंध निदेशक
इंद्रनील बिस्वास — प्लांट हेड
नीना बहादुर — सीएचआरओ
राजेश त्रिपाठी — डीजीएम, एचआर
मनीष कुमार — डिप्टी हेड, एचआर
रिचा पांडे — मैनेजर, एचआर
बैठक में उपस्थित सदस्य प्रबंधन की ओर से:
यूनियन की ओर से:
राकेश्वर पांडेय — अध्यक्ष
विजय खान — कार्यकारी अध्यक्ष
अभिषेक कुमार श्रीवास्तव — डिप्टी प्रेसिडेंट
संजय कुमार सिंह — महासचिव
हुसैनुल ओला कादरी — उपाध्यक्ष
पवन कुमार सिंह — उपाध्यक्ष
रवि उपाध्याय — कोषाध्यक्ष
सृष्टिधर महतो — संयुक्त सचिव
प्रवीण कुमार राय — संगठन सचिव
आदित्य राज — संयुक्त सचिव
संतोष कुमार साहू
देव कुमार मिड्या
कृष्ण यादव
जितेन्द्र कुमार
प्रियंका कुमारी
ग्रेड रिवीजन के अंतर्गत स्वीकृत राशि का विवरण
विवरण (Head) राशि (₹)
MGB
₹4,400
HRA
₹1,072
Investment
₹1,072
Increment
₹1,120
Allowance
₹6,895
Level Change Fitment
₹125
Night Shift
₹270
Upgradation Benefit
₹600
Contingency
₹2,250
Leave Encashment
₹1,770
कुल योग
— ₹19,569
समझौते से जुड़े अन्य मुख्य बिंदु
नाइट शिफ्ट अलाउंस: इसे ₹60 से बढ़ाकर ₹100 किया गया है।
बीमा (Insurance):
टर्म इंश्योरेंस की राशि बढ़ाकर ₹25 लाख की जाएगी।
हेल्थ इंश्योरेंस की राशि ₹2.5 लाख है, जिसे गंभीर मामलों में अतिरिक्त ₹5 लाख तक बढ़ाया जा सकेगा (कुल बीमा राशि ₹7.5 लाख तक)।
इंक्रीमेंट वैल्यू: इसे पहले के ₹275 से ₹450 के मुकाबले बढ़ाकर ₹375 से ₹815 तक किया गया है।
VDA विलय: पूर्व में मिल रही 100% VDA राशि, जो ₹6,376 थी, उसे मर्ज कर दिया गया है।
· औसत वृद्धि: सीटीसी (CTC) में औसत बढ़ोत्तरी 7 साल में 19,000 रुपये है।
न्यूनतम वृद्धि: सीटीसी (CTC) में न्यूनतम बढ़ोत्तरी 7 साल में 18,805 रुपये है।
अधिकतम वृद्धि: सीटीसी (CTC) में अधिकतम बढ़ोत्तरी 7 साल में 21,200 रुपये है।
एलटीए 1 अप्रैल 2028 को revise किया जाएगा। उक्त जानकारी कार्यकारी अध्यक्ष विजय खान ने दी है













