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साकची महालक्ष्मी मंदिर में राणी सती दादी का सावन सिंधारा उत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया, महिलाओं ने दादी को झुलाया झूला

सत्यनारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी ट्रस्ट द्वारा संचालित साकची स्थित महालक्ष्मी मंदिर के दादी मंदिर में गुरुवार को दादी सखी मंडल द्वारा राणी सती दादी का सावन सिंधारा उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सावन की धीमी फुहार और चारों ओर हरियाली की बहार के बीच मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने पारंपरिक गीतों के साथ दादी का सिंधारा उत्सव मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके बाद महिलाओं ने राणी सती दादी के दरबार को आकर्षक ढंग से सजाकर दादी को झूला झुलाया और मंगल गीत एवं भजनों की प्रस्तुति दी

साकची महालक्ष्मी मंदिर में राणी सती दादी का सावन सिंधारा उत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया, महिलाओं ने दादी को झुलाया झूला

जमशेदपुर- सत्यनारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी ट्रस्ट द्वारा संचालित साकची स्थित महालक्ष्मी मंदिर के दादी मंदिर में गुरुवार को दादी सखी मंडल द्वारा राणी सती दादी का सावन सिंधारा उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।

सावन की धीमी फुहार और चारों ओर हरियाली की बहार के बीच मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने पारंपरिक गीतों के साथ दादी का सिंधारा उत्सव मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके बाद महिलाओं ने राणी सती दादी के दरबार को आकर्षक ढंग से सजाकर दादी को झूला झुलाया और मंगल गीत एवं भजनों की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम में महिलाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। “सावन की धीमी फुहार, साथ में हरियाली की बहार, आओ हम सब साथ मिलकर दादी को झुलाएं” जैसे सावन के गीतों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

इस दौरान “ओ म्हारी भवानी झूलो भगत झुलावा थाने आज”, “खूब सज्यो दरबार मैया थाने आनो पड़सी”, “तेरा किसने किया श्रृंगार बड़ा प्यारा लागे”, “मोटी सेठानी म्हारो बेड़ो पार लगानो पड़सी” सहित अनेक दादी भजनों की प्रस्तुति हुई। भजनों की मधुर धुन पर उपस्थित महिलाएं झूमती-गाती नजर आईं।

सावन सिंधारा उत्सव के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को सावन की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक रूप से सिंधारा उत्सव की खुशियां साझा कीं। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का सुंदर संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में दादी सखी मंडल की महिलाओं एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उत्सव के दौरान महालक्ष्मी मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

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