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मानगो नगर निगम के अधिकारी नियमों के अनुसार काम करें- सरयू राय

सरयू राय ने मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त और उप नगर आयुक्त को दी हिदायत नगर निगम की सारी कार्यकारी शक्तियां नगर आयुक्त के पास नाजायज लाभ देने पर नगर आयुक्त और अधिकारी दंडित हो सकते हैं दबाव डालकर लाभ लेने वाला व्यक्ति बाद में किनारे हो जाएगा मेयर को कानूनन कोई प्रशासनिक अधिकार नहीं है बोर्ड बैठक का एजेंडा नगर आयुक्त स्वयं तय करें

मानगो नगर निगम के अधिकारी नियमों के अनुसार काम करें- सरयू राय

सरयू राय ने मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त और उप नगर आयुक्त को दी हिदायत

नगर निगम की सारी कार्यकारी शक्तियां नगर आयुक्त के पास
नाजायज लाभ देने पर नगर आयुक्त और अधिकारी दंडित हो सकते हैं
दबाव डालकर लाभ लेने वाला व्यक्ति बाद में किनारे हो जाएगा
मेयर को कानूनन कोई प्रशासनिक अधिकार नहीं है
बोर्ड बैठक का एजेंडा नगर आयुक्त स्वयं तय करें

जमशेदपुर- जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त और उप नगर आयुक्त के साथ बुधवार को निगम कार्यालय में बैठक की। उन्होंने गत मंगलवार को हुई मानगो नगर निगम की हंगामेदार बोर्ड बैठक के परिप्रेक्ष्य में अधिकारियों को नियम-कानून के अनुसार काम करने की हिदायत दी।
सरयू राय ने कहा कि यथा संशोधित नगरपालिका अधिनियम-2011 के तहत नगर निगम की सारी कार्यकारी शक्तियां नगर आयुक्त के पास हैं। मेयर को कोई कार्यकारी शक्ति नहीं दी गई है। इसलिए निगम में किसी प्रकार की अनियमितता होने पर उसकी जिम्मेदारी नगर आयुक्त की होगी और कार्रवाई भी उन्हीं के विरुद्ध होगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नाजायज लाभ लेता है तो उसके लिए नगर आयुक्त और संबंधित अधिकारियों को दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
सरयू राय ने अपर नगर आयुक्त और उप नगर आयुक्त से स्पष्ट कहा कि वे कभी अधिकारियों के काम में अनुचित हस्तक्षेप नहीं करते और न ही किसी अधिकारी पर नियम विरुद्ध काम करने के लिए दबाव डालते हैं। यदि कोई अधिकारी किसी के दबाव में काम करता है या किसी को लाभ पहुंचाने अथवा उपकृत करने के लिए नियमों की अनदेखी करता है, तो इसका खामियाजा अधिकारियों को ही भुगतना पड़ेगा। दबाव डालकर लाभ लेने वाला व्यक्ति बाद में किनारे हो जाएगा।
सरयू राय ने अधिकारियों को नियम-कानून से संबंधित कागजात दिखाते हुए कहा कि मेयर को कानूनन कोई प्रशासनिक अधिकार नहीं है। मेयर को निगम के किसी कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का भी अधिकार नहीं है। कार्रवाई का अधिकार नगर आयुक्त के पास है।
उन्होंने नगर निगम के बजट की स्वीकृति से संबंधित प्रावधानों तथा निविदा के नियमों की भी जानकारी दी और अधिकारियों को हिदायत दी कि वे नियम-कानून और विवेक के अनुसार निर्णय लें। ऐसा करने पर वे आरोपों और दंडात्मक कार्रवाई से बच सकते हैं।
श्री राय ने कहा कि कानून ने निगम के संचालन की जिम्मेदारी और अधिकार नगर आयुक्तों को दिया है। यदि किसी अधिकारी पर दबाव डालकर कोई दूसरा व्यक्ति इन अधिकारों का इस्तेमाल करता है तो अंततः अधिकारी और अधीनस्थ अधिकारी ही फंसेंगे।
सरयू राय ने कहा कि बोर्ड बैठक का एजेंडा नगर आयुक्त स्वयं तय करें। बैठक की अध्यक्षता मेयर करें, लेकिन बैठक का संचालन अपर नगर आयुक्त अथवा उप नगर आयुक्त करें। उन्होंने अधिकारियों से मानगो के विकास की योजना तय करने, विकास कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित कर उसे क्रियान्वित करने तथा उपायुक्त के माध्यम से अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर विकास कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने को कहा।
श्री राय ने बताया कि उन्होंने विभागीय मंत्री से फोन पर बात कर नगर निकायों के वार्ड पार्षदों की प्रमंडलवार बैठक बुलाने तथा अपनी उपस्थिति में आवश्यक सलाह और प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का आग्रह किया है।
सरयू राय ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि निगम के अधिकारियों के कामकाज में उनका पूरा सहयोग रहेगा, बशर्ते कामकाज नियमों के मुताबिक हो और अधिकारी अपनी शक्तियों को समझते हुए निर्णय लेने में विवेक का इस्तेमाल करें।

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