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सिंहभूम चैम्बर ने टाटा स्टील के साथ सुरक्षा एवं ब्रांड संरक्षण पर संवाद कार्यक्रम आयोजित

सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा व्यवसायियों एवं उद्यमियों के लिए “सुरक्षा एवं ब्रांड संरक्षण” विषय पर एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन चैम्बर भवन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग एवं व्यापार में सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा ब्रांड संरक्षण के महत्व से उद्यमियों को अवगत कराना था

सिंहभूम चैम्बर ने टाटा स्टील के साथ सुरक्षा एवं ब्रांड संरक्षण पर संवाद कार्यक्रम आयोजित

जमशेदपुर- सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा व्यवसायियों एवं उद्यमियों के लिए “सुरक्षा एवं ब्रांड संरक्षण” विषय पर एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन चैम्बर भवन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग एवं व्यापार में सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा ब्रांड संरक्षण के महत्व से उद्यमियों को अवगत कराना था

इस अवसर पर टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारियों राजीव मंगल, उपाध्यक्ष (SHS), नीरज कुमार सिन्हा, चीफ–सेफ्टी, जितेन्द्र सिंह शेखावत, चीफ–सिक्योरिटी एवं ब्रांड प्रोटेक्शन तथा ध्रुवज्योति साहा, एरिया मैनेजर–ब्रांड प्रोटेक्शन ने उपस्थित उद्यमियों एवं व्यवसायियों को सुरक्षा एवं ब्रांड संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी ब्रांडेड उत्पाद की खरीददारी करते समय उपभोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह अधिकृत विक्रेता अथवा अधिकृत रिटेलर से ही उत्पाद खरीद रहे हैं। यदि किसी डुप्लीकेट या नकली उत्पाद की जानकारी मिलती है तो इसकी शिकायत उपभोक्ता संरक्षण विभाग में की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में शहर में यातायात पुलिस द्वारा हेलमेट की विशेष जांच नहीं की जा रही है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हेलमेट पहनना आवश्यक नहीं है। हेलमेट पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं की सुरक्षा के लिए पहनना चाहिए। इसी प्रकार सुरक्षा संबंधी सभी नियमों का पालन प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (SHS) राजीव मंगल ने कहा कि टाटा स्टील औद्योगिक एवं व्यावसायिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने बताया कि प्लांट में यदि कोई छोटी-मोटी दुर्घटना होती भी है, तो मजबूत सुरक्षा व्यवस्था एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों के कारण उसका उत्पादन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने सभी उद्योगों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों से सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एक छोटी-सी असावधानी न केवल किसी कर्मचारी के जीवन को प्रभावित कर सकती है, बल्कि पूरे प्रतिष्ठान की प्रतिष्ठा, उत्पादन, आर्थिक स्थिति एवं विश्वसनीयता पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

नीरज कुमार सिन्हा, चीफ–सेफ्टी ने प्रस्तुतीकरण (स्लाइड) के माध्यम से बताया कि किसी भी प्रतिष्ठान में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था किस प्रकार विकसित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाला खर्च बहुत अधिक नहीं होता, लेकिन इसकी अनदेखी से होने वाला नुकसान कई गुना अधिक हो सकता है। उन्होंने हाल की विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि फायर सेफ्टी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण अनेक व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा तथा कई मामलों में व्यवसाय तक बंद करना पड़ा। इसलिए प्रत्येक व्यवसायी को अपने प्रतिष्ठान में फायर सेफ्टी की समुचित व्यवस्था अवश्य करनी चाहिए।

जितेन्द्र सिंह शेखावत, चीफ–सिक्योरिटी एवं ब्रांड प्रोटेक्शन ने कहा कि यद्यपि वर्तमान नियमों के अनुसार कार में आगे बैठे यात्रियों के लिए सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य है, लेकिन दुर्घटनाओं में पीछे बैठे यात्रियों की भी सीट बेल्ट नहीं पहनने के कारण मृत्यु के अनेक मामले सामने आए हैं। इसलिए पीछे बैठे यात्रियों को भी सीट बेल्ट का उपयोग अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग कर व्यक्ति केवल अपनी ही नहीं, बल्कि अपने परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है।

ब्रांड प्रोटेक्शन पर उन्होंने बताया कि टाटा स्टील ने पिछले दो वर्षों में अपने उत्पादों की नकली बिक्री एवं ब्रांड के दुरुपयोग के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए लगभग ₹85 लाख की रिकवरी की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उद्योग एवं व्यवसाय को अपने ब्रांड की नियमित निगरानी करनी चाहिए तथा केवल अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से ही उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति किसी ब्रांड का अनधिकृत रूप से दुरुपयोग कर नकली उत्पाद बेचता है, तो उसके विरुद्ध आपराधिक कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

ध्रुवज्योति साहा, एरिया मैनेजर–ब्रांड प्रोटेक्शन ने स्लाइड प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि किस प्रकार कुछ लोग किसी प्रतिष्ठित ब्रांड के नाम एवं ट्रेडमार्क का दुरुपयोग कर नकली उत्पाद बाजार में बेचते हैं। उन्होंने टाटा स्टील द्वारा ऐसे अनेक मामलों का पता लगाकर की गई कानूनी कार्रवाई की भी जानकारी दी

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित उद्यमियों एवं व्यवसायियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विस्तृत एवं संतोषजनक उत्तर अधिकारियों द्वारा दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन चैम्बर के महासचिव पुनीत कांवटिया ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष (कर एवं वित्त) राजीव अग्रवाल ने प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया, महासचिव पुनीत कांवटिया, उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, हर्ष बाकरेवाल, सचिव भरत मकानी, अंशुल रिंगसिया, बिनोद शर्मा, पूर्व अध्यक्ष विजय आनंद मूनका, को-ऑप्टेड सदस्य नंदकिशोर अग्रवाल, मनोज गोयल, प्रतीक अग्रवाल, मोहित मूनका, पवन नरेडी, चन्द्रकांत जटाकिया, सतीश सिंह सहित विभिन्न उद्योगों एवं कंपनियों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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