बाबा साहेब द्वारा रचित संविधान ही आधुनिक भारत की असली शक्ति है : डॉक्टर अंगद तिवारी वीसी अर्का जैन
मानगो डिमना रोड स्थित राजस्थान भवन में जन विकास मंच के तत्वावधान में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती अत्यंत गरिमामय ढंग से मनाई गई। यह जन विकास मंच की वर्षगांठ भी है और पिछले साल भी इसे धूमधाम से मनाया गया । सौरव विष्णु के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के हरेक वर्ग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली

बाबा साहेब द्वारा रचित संविधान ही आधुनिक भारत की असली शक्ति है – डॉक्टर अंगद तिवारी वीसी अर्का जैन

जमशेदपुर – मानगो डिमना रोड स्थित राजस्थान भवन में जन विकास मंच के तत्वावधान में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती अत्यंत गरिमामय ढंग से मनाई गई। यह जन विकास मंच की वर्षगांठ भी है और पिछले साल भी इसे धूमधाम से मनाया गया । सौरभ विष्णु के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के हरेक वर्ग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में अर्का जैन के वीसी डॉक्टर अंगद तिवारी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों में डॉक्टर राजू ओझा ,रामजी राय, शशि कांत पांडेय , मानगो पार्षद हेमंत जी तथा सहयोगी लोगों में सुनील , कन्हैया रजक,ओम प्रकाश गिरी, उज्ज्वल दास, सुनील रजक , दीपक सिंह आदि उपस्थित रहे, जिन्होंने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉक्टर अंगद तिवारी ने कहा कि डॉ. आंबेडकर केवल एक वर्ग के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के मार्ग दर्शक हैं।

उनके द्वारा रचित संविधान ही आधुनिक भारत की असली शक्ति है। उन्होंने सौरभ विष्णु के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं का इस प्रकार सामाजिक कार्यों और महापुरुषों के विचारों से जुड़ना देश के भविष्य के लिए शुभ संकेत है। वहीं कार्यक्रम के संचालक कर्मठ युवा समाजसेवी सौरभ विष्णु ने कहा कि भीमराव आंबेडकर उनके आदर्श हैं और उनके बताए हुए मूल्यों पर चलते भी हैं । श्री सौरभ ने उपस्थित जनसमूह और विशेषकर युवाओं को संबोधित करते हुए एक सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “बाबा साहेब ने शिक्षित बनने, संगठित रहने और संघर्ष करने का जो मंत्र दिया था, वह आज के समय में और भी प्रासंगिक हो गया है। हमें जाति और धर्म की दीवारों को तोड़कर उनके द्वारा दिखाए गए समानता के मार्ग पर चलना होगा।” सौरभ विष्णु ने आगे कहा कि आज के दौर में जब समाज के सामने वैचारिक चुनौतियां हैं, तब संविधान ही वह सेतु है जो सभी वर्गों के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने युवाओं से आहवान किया कि वे बाबा साहेब के ‘संवैधानिक नैतिकता’ के स्वप्न को साकार करने के लिए आगे आएं। इस आयोजन की सबसे खास बात समाज के हर तबके की एकजुटता रही। सौरभ विष्णु के आहवान पर स्वर्ण समाज से लेकर दलित समाज तक, सभी वर्गों के लोग एक मंच पर नजर आए। शहर के सैकड़ों युवाओं के साथ-साथ कई गणमान्य और प्रतिष्ठित हस्तियों ने इस समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में सौरभ विष्णु के विचारों का समर्थन किया और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिष्ठित नागरिक और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंच पर विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने ‘विविधता में एकता’ का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में जन विकास मंच के सदस्यों ने मुख्य अतिथि और उपस्थित सभी प्रबुद्ध नागरिकों का आभार व्यक्त किया। जिसके बाद सभी ने सामाजिक न्याय के पथ पर अग्रसर रहने की शपथ ली। इससे पहले सभी अतिथियों को जन विकास मंच द्वारा पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया




