राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गांधी कुष्ठ आश्रम में ‘रविवार रंगमंच कार्यशाला’ का शुभारंभ
कुष्ठ प्रभावित परिवारों के बच्चों को रंगमंच के माध्यम से प्रतिभा निखारने और आत्मविश्वास बढ़ाने का मिलेगा अवसर

राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गांधी कुष्ठ आश्रम में ‘रविवार रंगमंच कार्यशाला’ का शुभारंभ

कुष्ठ प्रभावित परिवारों के बच्चों को रंगमंच के माध्यम से प्रतिभा निखारने और आत्मविश्वास बढ़ाने का मिलेगा अवसर

जमशेदपुर- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित 100 दिवसीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत न्यू बाराद्वारी स्थित गांधी कुष्ठ आश्रम में कुष्ठ प्रभावित परिवारों के बच्चों के लिए ‘रविवार रंगमंच कार्यशाला’ का शुभारंभ किया गया। गीता थिएटर जमशेदपुर की इस पहल का उद्देश्य बच्चों की छिपी प्रतिभा को निखारना, उनमें आत्मविश्वास विकसित करना तथा कला एवं संस्कृति के माध्यम से उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है।
गौरतलब है कि पूर्वी सिंहभूम जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ (M.D.T.) अभियान 10 अक्टूबर 2026 से 30 जनवरी 2027 तक संचालित किया जा रहा है। इस 100 दिवसीय अभियान का उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संभावित रोगियों की पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करना तथा समाज में व्याप्त भ्रांतियों, भेदभाव और सामाजिक संकोच को दूर करना है। अभियान के तहत जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर, प्रशिक्षण, रैलियां, नुक्कड़ नाटक, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं और विद्यालय स्तर पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
इसी सामाजिक जागरूकता एवं सहभागिता की भावना को आगे बढ़ाते हुए गांधी कुष्ठ आश्रम में रविवार रंगमंच कार्यशाला की शुरुआत की गई। कार्यशाला के माध्यम से बच्चों को अभिनय, नृत्य, गीत, संवाद अदायगी, मंच प्रस्तुति एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इससे बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ अभिव्यक्ति कौशल, अनुशासन, रचनात्मक सोच और सामूहिक सहयोग की भावना विकसित करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर गीता थिएटर के सदस्यों एवं गांधी कुष्ठ आश्रम के सम्मानित गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
कुष्ठ रोग केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि इससे संबंधित सामाजिक भ्रांतियों और भेदभाव को दूर करना भी अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ अभियान का प्रमुख संदेश है कि कुष्ठ रोग उपचार योग्य है तथा समय पर पहचान और नियमित उपचार से इस पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। रोग से प्रभावित व्यक्तियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में समान अवसर प्रदान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
गीता थिएटर जमशेदपुर का मानना है कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, संवेदनशीलता और सकारात्मक बदलाव का एक सशक्त साधन भी है। इसी उद्देश्य से कुष्ठ प्रभावित परिवारों के बच्चों को रचनात्मक मंच प्रदान कर उनमें आत्मविश्वास जगाने तथा समाज में समानता और सम्मान का संदेश प्रसारित करने की दिशा में यह पहल की गई है।
गीता थिएटर जमशेदपुर ने संकल्प व्यक्त किया कि कला और रंगमंच के माध्यम से बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ कुष्ठ रोग से जुड़े सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने तथा एक संवेदनशील, समावेशी और जागरूक समाज के निर्माण में निरंतर योगदान दिया जाएगा।


