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महाराजा अग्रसेन जयंती पर ‘अग्रसेन परमार्थ भोज’ का आयोजन, 61 ब्राह्मणों को कराया गया भोजन

विद्वान पुरोहितों ने की महाराजा अग्रसेन की पूजा-अर्चना, वस्त्र एवं दक्षिणा देकर किया गया सम्मानित

महाराजा अग्रसेन जयंती पर ‘अग्रसेन परमार्थ भोज’ का आयोजन, 61 ब्राह्मणों को कराया गया भोजन

विद्वान पुरोहितों ने की महाराजा अग्रसेन की पूजा-अर्चना, वस्त्र एवं दक्षिणा देकर किया गया सम्मानित

जमशेदपुर- महाराजा अग्रसेन जयंती के पावन अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन साकची शाखा की ओर से शनिवार को साकची स्थित श्री अग्रसेन भवन में ‘अग्रसेन परमार्थ भोज’ का आयोजन किया गया। समाज के कल्याण, सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में लौहनगरी जमशेदपुर के विद्वान पुरोहितों द्वारा महाराजा अग्रसेन जी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात 61 ब्राह्मणों को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया तथा सभी को वस्त्र एवं दक्षिणा प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ब्राह्मणों ने मारवाड़ी एवं अग्रवाल समाज को भरपूर आशीर्वाद प्रदान किया तथा समाज की निरंतर उन्नति, सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की। यह आयोजन महाराजा अग्रसेन जी के लोककल्याणकारी आदर्शों सेवा, परोपकार और धार्मिक परंपराओं के प्रति समाज की आस्था का प्रतीक रहा।

मारवाड़ी सम्मेलन साकची शाखा के अध्यक्ष बजरंग लाल अग्रवाल, सचिव बबलु अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष सन्नी संघी सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य इस अवसर पर उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को महाराजा अग्रसेन जी के विचारों और सिद्धांतों के अनुरूप समाज कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश रिंगसिया, प्रदेश महामंत्री अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय भालोटिया, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सन्नी संघी, जिलाध्यक्ष मंटू अग्रवाल, रामकृष्ण चौधरी, नरेश काउंटिया, महावीर मोदी, ओमप्रकाश संघी, बजरंग अग्रवाल, दीपक पारीक, सांवरमल अग्रवाल, निर्मल पटवारी, कुशल गणेरीवाल, ललित डांगा, मनोज गोयल, श्यामसुंदर रिंगसिया, अरुण बाकरेवाल, विमल रिंगसिया, मुरारी अग्रवाल, पप्पू बंसल, कमल सिंघल, कमल चौधरी, प्रमोद खन्ना, पंकज संघी, ओमप्रकाश झाझरिया एवं नरेश सिंघानिया सहित कई सदस्य उपस्थित थे।

मारवाड़ी सम्मेलन साकची शाखा का मानना है कि महाराजा अग्रसेन जी के आदर्श समाज को सेवा, सहयोग, समानता एवं परोपकार की प्रेरणा देते हैं। ऐसे धार्मिक एवं सेवाभावी आयोजनों के माध्यम से समाज में संस्कारों, मानवीय मूल्यों और सामाजिक कल्याण की भावना को सुदृढ़ किया जा सकता है। शाखा ने भविष्य में भी समाजहित एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

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