शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा का उत्थान’ विषयक सेमिनार की तैयारियां जोरों पर स्मारिका का होगा लोकार्पण
झारखंड की शिक्षा व्यवस्था को समझने की दिशा में एक कदम उठाते हुए दिनांक 4 अक्टूबर 2026 को ‘शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा का उत्थान’ विषयक सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और नेचर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय इस सेमिनार के संयोजक हैं। सरयू राय ने बताया कि गत 6 सितंबर को झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार की आकस्मिक मौत के कारण सेमिनार की तिथि आगे बढ़ा कर चार अक्तूबर की गई है

शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा का उत्थान’ विषयक सेमिनार की तैयारियां जोरों पर
स्मारिका का होगा लोकार्पण
जमशेदपुर- झारखंड की शिक्षा व्यवस्था को समझने की दिशा में एक कदम उठाते हुए दिनांक 4 अक्टूबर 2026 को ‘शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा का उत्थान’ विषयक सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और नेचर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय इस सेमिनार के संयोजक हैं।
सरयू राय ने बताया कि गत 6 सितंबर को झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार की आकस्मिक मौत के कारण सेमिनार की तिथि आगे बढ़ा कर चार अक्तूबर की गई है।
उन्होंने बताया कि सेमिनार में शिक्षा विषयक एक सेमिनार का भी लोकार्पण किया जाएगा। इसमें शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के आलेख होंगे।
श्री राय के अनुसार, इस सेमिनार में जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर ईला कुमार, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर चंद्रभूषण शर्मा और एनआईटी के निदेशक प्रोफेसर गौतम सूत्रधार प्रमुख रुप से शामिल होंगे।
सेमिनार का आयोजन डीबीएमएस हाईस्कूल परिसर (कलाकृति प्रेक्षागृह), रंकिणी मंदिर के समीप, कदमा में होगा।
सरयू राय ने बताया कि 4 अक्टूबर को पंजीकरण पूर्वाह्न 9 से 10 बजे तक होगा। इसके बाद उद्घाटन सत्र पूर्वाह्न 10 से 11 बजे तक चलेगा। प्रथम सत्र पूर्वाह्न 11.15 से अपराह्न 12.30 तक, द्वितीय सत्र अपराह्न 12.30 से 2 बजे तक, तृतीय सत्र अपराह्न 3 से 4.30 बजे तक (शिक्षकों का सम्मान) और चतुर्थ सत्र अपराह्न 4.30 से 5.30 बजे तक चलेगा। उन्होंने शिक्षा जगत से जुड़े लोगों से इस सेमिनार में शामिल होने की अपील की है।
श्री राय का अनुसार, इस सेमिनार में शहर के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकगण शामिल होंगे।


