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सावन की फुहारों के बीच ‘सहयोग’ संस्था का भव्य सावन मिलन समारोह संपन्न

तुलसी भवन के चित्रकूट कक्ष में जमी सांस्कृतिक महफिल कजरी और भजनों पर झूमीं साहित्य अनुरागी महिलाएं

सावन की फुहारों के बीच ‘सहयोग’ संस्था का भव्य सावन मिलन समारोह संपन्न

तुलसी भवन के चित्रकूट कक्ष में जमी सांस्कृतिक महफिल
कजरी और भजनों पर झूमीं साहित्य अनुरागी महिलाएं

​जमशेदपुर- बहुभाषीय संस्था ‘सहयोग’ के तत्वावधान में गुरुवार को तुलसी भवन स्थित चित्रकूट कक्ष में सावन उत्सव का गरिमामय आयोजन किया गया. सावन की उमंग और उत्सव धर्मिता को समर्पित इस कार्यक्रम में संस्था की सदस्याओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी से आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक एकजुटता की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की. पूरा आयोजन स्थल पारंपरिक परिधानों और सावन के लोकगीतों से गुंजायमान रहा.

​शिव वंदना और दीप प्रज्वलन से शुभारंभ

कार्यक्रम का औपचारिक आगाज दीप प्रज्वलन के साथ हुआ. इसके लिए रीना सिन्हा ने रोली-टीका, रोली थाल, पुष्पमाला, कैंडल और तेल-बाती से सुसज्जित पूजन थाली तैयार की थी. सभी अतिथियों व सदस्याओं का स्वागत पारंपरिक रूप से रोली-टीका लगाकर किया गया. इसके बाद सुदीप्ता जेठी राउत ने सुमधुर शिव वंदना प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को अध्यात्म और भक्ति के रंग में रंग दिया.

​कजरी, भजन और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां

सांस्कृतिक सत्र में गीतों और नृत्य की विविध प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. ‘रिमझिम गिरे सावन’ समेत विभिन्न लोकप्रिय फिल्मी गीतों पर एकल व सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किए गए. अरुणा झा ने महाकवि विद्यापति की सावन केंद्रित रचनाओं का पाठ कर समां बांध दिया. इसके बाद विद्या तिवारी, अरुणा झा और संध्या सिन्हा ने पारंपरिक कजरी “सावन में सजना ना अइले हो, परदेशी बलमवा न अइले हो” की सुरीली प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया. संगीता मिश्रा ने “हमरी भी ले लो खबरिया” भजन गाकर माहौल को पुनः भक्तिमय बना दिया.

​कुशल संयोजन एवं मंच संचालन

कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने में संयोजक अरुणा झा का विशेष योगदान रहा. उन्होंने अपनी टीम के सहयोग से आमंत्रण से लेकर मंच संचालन तक का कार्य बखूबी संभाला. अपनी सधी हुई और प्रभावी शैली से उन्होंने पूरे कार्यक्रम में उत्सुकता बनाए रखी. कार्यक्रम की शुरुआत में संध्या सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया तथा विषय प्रवेश के जरिए सावन मिलन के उद्देश्य एवं संस्था की गतिविधियों पर प्रकाश डाला.

​अध्यक्षीय संबोधन व आभार प्रदर्शन

समारोह की अध्यक्षता कर रहीं वरिष्ठ सदस्या डॉ. रागिनी भूषण ने अपने विचार व्यक्त करते हुए ‘सहयोग’ संस्था के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक मंच हमारी प्राचीन परंपराओं और सामाजिक प्रगाढ़ता को सहेजने का काम करते हैं. कार्यक्रम के अंतिम चरण में भारती ने धन्यवाद ज्ञापन दिया, जिसमें उन्होंने संयोजन समिति, तुलसी भवन प्रबंधन एवं उपस्थित सभी सदस्यों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की.

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