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स्वर्णरेखा नदी किनारे मिला शक्तिशाली सिलेंडर बम, सेना ने किया सुरक्षित डिफ्यूज, जोरदार धमाके से दहला इलाका

पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्रामीण क्षेत्र में उस वक्त भारी अफरा-तफरी और खौफ का माहौल पैदा हो गया, जब एक नदी के किनारे एक बेहद खतरनाक और शक्तिशाली विस्फोटक बरामद हुआ। बहरागोड़ा प्रखंड के अंतर्गत आने वाले पानीपोड़ा गांव के पास स्वर्णरेखा नदी के तट पर बुधवार की सुबह एक सिलेंडर बम मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के कान खड़े हो गए। खतरे की नजाकत को भांपते हुए त्वरित कार्रवाई की गई

स्वर्णरेखा नदी किनारे मिला शक्तिशाली सिलेंडर बम, सेना ने किया सुरक्षित डिफ्यूज, जोरदार धमाके से दहला इलाका

जमशेदपुर- पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्रामीण क्षेत्र में उस वक्त भारी अफरा-तफरी और खौफ का माहौल पैदा हो गया, जब एक नदी के किनारे एक बेहद खतरनाक और शक्तिशाली विस्फोटक बरामद हुआ। बहरागोड़ा प्रखंड के अंतर्गत आने वाले पानीपोड़ा गांव के पास स्वर्णरेखा नदी के तट पर बुधवार की सुबह एक सिलेंडर बम मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के कान खड़े हो गए। खतरे की नजाकत को भांपते हुए त्वरित कार्रवाई की गई और भारतीय सेना के विशेष बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। सेना के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना इस शक्तिशाली सिलेंडर बम को पूरी तरह से सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय (डिफ्यूज) कर दिया। हालांकि, बम को डिफ्यूज करने के दौरान जो धमाका हुआ, वह इतना जोरदार था कि आसपास के कई गांवों का इलाका पूरी तरह से दहल उठा।

दहशत का माहौल और 1 किलोमीटर का इलाका सील

स्वर्णरेखा नदी के किनारे इस संदिग्ध बम के मिलने की सूचना सबसे पहले स्थानीय ग्रामीणों ने दी थी। खबर फैलते ही पानीपोड़ा और आसपास के गांवों के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। खतरे की गंभीरता और विस्फोटक की क्षमता को देखते हुए भारतीय सेना और बहरागोड़ा पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। किसी भी तरह की संभावित जनहानि या किसी बड़ी अप्रिय घटना को टालने के लिए एहतियात के तौर पर त्वरित कदम उठाए गए। घटनास्थल के चारों ओर करीब एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह से सील कर दिया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी और ग्रामीणों की आवाजाही को उस विशेष इलाके में पूरी तरह से रोक दिया गया

50 फीट ऊपर उठा धुएं का गुबार, खौफ में दिखे लोग

बुधवार की सुबह जब भारतीय सेना के प्रशिक्षित जवानों ने इस खतरनाक सिलेंडर बम को नियंत्रित और तकनीकी तरीके से डिफ्यूज करने की प्रक्रिया शुरू की, तो इलाके में सन्नाटा पसरा था। जैसे ही बम को निष्क्रिय किया गया, एक बेहद तेज और कान फोड़ू धमाका हुआ। इस धमाके की गूंज कई किलोमीटर दूर तक स्पष्ट रूप से सुनी गई। इस मौके पर विस्फोट के कारण धुएं का एक विशाल गुबार उठा, जो आसमान में करीब 50 फीट ऊंचाई तक फैल गया। धमाके की भयावह आवाज और धुएं के इस खौफनाक मंजर को देखकर दूर खड़े क्षेत्र के लोग भी कुछ पल के लिए बुरी तरह सहम गए।

सुरक्षित रही जान-माल, पुलिस की गहन जांच जारी

इस पूरी घटना में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि सेना की अत्यंत सतर्कता, सटीक रणनीति और त्वरित कार्रवाई के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और न ही किसी संपत्ति का नुकसान हुआ। बम के सफलतापूर्वक निष्क्रिय होने के बाद पुलिस प्रशासन, सेना के जवानों और खौफजदा स्थानीय लोगों ने आखिरकार राहत की सांस ली। मौके पर मुस्तैद बहरागोड़ा पुलिस ने अब इस पूरे संवेदनशील मामले की अपनी गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम अब इस अहम बिंदु पर गहराई से तफ्तीश कर रही है कि आखिर इतना शक्तिशाली और जानलेवा सिलेंडर बम स्वर्णरेखा नदी के किनारे स्थित इस शांत पानीपोड़ा गांव तक कैसे पहुंचा। क्या इसके पीछे किसी बड़े गिरोह या असामाजिक तत्वों का हाथ है? पुलिस इलाके में पूछताछ कर रही है और हर एंगल से मामले को खंगाल रही है।

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