डाक विभाग ने प्रतिभाओं को नवाजा: ‘दीन दयाल स्पर्श’ और ‘ढाई आखर’ प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान

डाक विभाग ने प्रतिभाओं को नवाजा: ‘दीन दयाल स्पर्श’ और ‘ढाई आखर’ प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान

जमशेदपुर- सिंहभूम मंडल के डाक विभाग द्वारा शिक्षा और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित विभिन्न पत्र लेखन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल बच्चों की लेखन शैली को सराहा गया, बल्कि उन्हें वित्तीय साक्षरता से जोड़ने का भी प्रयास किया गया।

दीन दयाल स्पर्श योजना: 6 छात्रों को मिली छात्रवृत्ति
’दीन दयाल स्पर्श योजना’ के तहत आयोजित प्रतियोगिता में सिंहभूम मंडल के कुल 6 मेधावी बच्चों का चयन किया गया। विभाग द्वारा प्रत्येक विजेता को 6,000 रुपये का चेक और एक डाकघर बचत खाता प्रदान कर सम्मानित किया गया।

पुरस्कार पाने वाले होनहार छात्र:
श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल: उमंग कुमार गुप्ता, अनुष्का कुमारी, आर्यमन चतुर्वेदी।
मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल: आराध्या सृष्टि।
वैली व्यू स्कूल: रोनित पात्रा, सजन कुमार भगत।

‘ढाई आखर’ प्रतियोगिता में तनीषा ने लहराया परचम।
राष्ट्रीय स्तर की प्रसिद्ध ‘ढाई आखर’ पत्र लेखन प्रतियोगिता में भी जमशेदपुर की बेटी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस गर्ल्स, साकची की छात्रा तनीषा कुमारी पांडे ने 18 वर्ष आयु वर्ग में पूरे झारखंड राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए उन्हें विभाग द्वारा 10,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
”ऐसे आयोजनों से बच्चों में पत्र लेखन की विलुप्त होती कला के प्रति रुचि जागृत होती है। हम भविष्य में भी ऐसी प्रतियोगिताएं आयोजित करते रहेंगे और उम्मीद करते हैं कि अधिक से अधिक छात्र इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।
इस अवसर पर सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस गर्ल्स साकची की प्राचार्य मंजू सिंहा ने कहा कि हमारे स्कूल में की छात्रा को द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹10000 मिला है। यह बहुत गर्व की बात है। हमारे स्कूल में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि टैलेंट कि यहां कमी नहीं है। आगे भी इस तरह के प्रतियोगिताओं में ज्यादा से ज्यादा संख्या में बच्चियों भाग लेगी।
इस अवसर पर मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल की प्राचार्य ने डाक विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे पुरस्कार बच्चों का मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों से जोड़ते हैं।कार्यक्रम के अंत में डाक अधीक्षक ने सभी विजेता बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और अन्य विद्यार्थियों को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए प्रेरित किया।



