सिंहभूम चैंबर ने किया ‘चलो चलें बाजार’ अभियान के पोस्टर का विमोचन
स्थानीय बाजारों की रौनक लौटाने और पारंपरिक व्यापार को प्रोत्साहित करने का संकल्प

सिंहभूम चैंबर ने किया ‘चलो चलें बाजार’ अभियान के पोस्टर का विमोचन

स्थानीय बाजारों की रौनक लौटाने और पारंपरिक व्यापार को प्रोत्साहित करने का संकल्प
जमशेदपुर- ऑनलाइन खरीददारी के बढ़ते प्रभाव को कम करने तथा स्थानीय बाजारों की रौनक लौटाने के उद्देश्य से सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आज चैंबर सभागार, बिष्टुपुर में ‘चलो चलें बाजार’ अभियान के पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर चैंबर के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न बाजारों एवं व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
कार्यक्रम में उपस्थित व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि ऑनलाइन खरीददारी के बढ़ते चलन के कारण पारंपरिक बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और स्थानीय दुकानों के प्रति उपभोक्ताओं का झुकाव प्रभावित हो रहा है। यह स्थिति छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के साथ-साथ पारंपरिक व्यापारिक व्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इस विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार और अधिकाधिक उपभोक्ताओं को इससे जोड़ने पर बल दिया गया।
चैंबर अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि स्थानीय बाजार केवल खरीददारी का माध्यम नहीं, बल्कि शहर की आर्थिक गतिविधियों, सामाजिक संबंधों और व्यापारिक परंपराओं के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। स्थानीय दुकानदारों से खरीददारी करने से शहर की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है तथा छोटे व्यापारियों, उनके कर्मचारियों और उनसे जुड़े परिवारों की आजीविका को सहारा मिलता है। ‘चलो चलें बाजार’ अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को स्थानीय बाजारों की ओर आकर्षित करना और बाजारों के साथ उनके भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करना है।
चैंबर उपाध्यक्ष (ट्रेड एंड कॉमर्स) अनिल मोदी ने कहा कि ऑनलाइन खरीददारी की सुविधा के बीच स्थानीय बाजारों की प्रासंगिकता बनाए रखना आज समय की मांग है। स्थानीय दुकानों पर उपभोक्ताओं को उत्पादों को देखकर, परखकर खरीदने, दुकानदारों से सीधा संवाद करने और व्यक्तिगत सेवा प्राप्त करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि “स्थानीय बाजारों से खरीददारी केवल सामान खरीदना नहीं, बल्कि अपने शहर के व्यापार, रोजगार और आर्थिक विकास में योगदान देना है।” उन्होंने व्यापारिक संगठनों, दुकानदारों और आम नागरिकों से इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की अपील की।
सचिव (ट्रेड एंड कॉमर्स) भारत मकानी ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए आवश्यक है कि इसका संदेश शहर के प्रत्येक बाजार, दुकान और उपभोक्ता तक पहुंचे। उन्होंने व्यापारिक संस्थाओं से अभियान के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भागीदारी निभाने का आहवान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से स्थानीय बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ाने और पारंपरिक व्यापार को नई ऊर्जा देने की दिशा में सकारात्मक पहल की जा सकती है।
बैठक में उपस्थित विभिन्न बाजारों एवं व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने चैंबर की इस पहल का समर्थन करते हुए अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने, व्यापारियों को जोड़ने और आम उपभोक्ताओं के बीच स्थानीय बाजारों से खरीदारी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्थानीय बाजारों की समृद्धि, शहर की समृद्धि से जुड़ी है। ‘चलो चलें बाजार’ अभियान इसी सोच के साथ उपभोक्ताओं को स्थानीय दुकानों की ओर प्रेरित करने और जमशेदपुर के व्यापारिक परिवेश को सशक्त बनाने की पहल है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से राजीव अग्रवाल,सचिव विनोद शर्मा,अंशुल रिंगसिया,कोषाध्यक्ष अनिल रिंगसिया,ज्वैलर्स एसोसिएशन के विपिन अडेसरा,डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन के दिलीप गोयल,केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पंकज छाबड़ा,ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के दिनेश चावरा,कृषि उत्पादन बाजार समिति के दीपक भालोटिया,जमशेदपुर थोक वस्त्र विक्रेता संघ के दिलीप अग्रवाल के अलावे राकेश पटवारी,संजय कसेरा,विजय अग्रवाल,मनोज गोयल,राजेश अग्रवाल,जयंत खारा एवं अन्य व्यापारिक प्रतिनिधि शामिल थे।



