निबंधन विभाग ने सीजीपीसी को दिखाया आईना- कुलबिंदर
एग्रीमेंट की शर्त तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई करे साकची कमेटी

निबंधन विभाग ने सीजीपीसी को दिखाया आईना- कुलबिंदर
एग्रीमेंट की शर्त तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई करे साकची कमेटी
जमशेदपुर- क़ौमी सिख मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता कुलबिंदर सिंह ने झारखंड के निबंधन विभाग के फैसले की सराहना करते हुए कहा है कि उसने सीजीपीसी (सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी) को आइना दिखा दिया है। साल 2003 के संशोधन की आड़ में सीजीपीसी के प्रधान मनमानी करते रहे हैं।
जबकि झारखंड में इसका निबंधन संख्या 346/2007-2008 है, ऐसे में सवाल उठता है कि झारखंड निबंधन विभाग के पोर्टल में 2003 का संशोधन क्यों नहीं उल्लेखित है।
इस अधिवक्ता के अनुसार केवल अपनी मनमानी तथा जिला प्रशासन को गुमराह करने के लिए संविधान की प्रिंटेड बुक बना रखी है। जिसे दिखाकर अब तक अपने पक्ष में सीजीपीसी प्रधान फैसले लेते रहे और विरोधियों को ठिकाने लगाते रहे।
कुलविंदर सिंह के अनुसार सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह ने गुरु तेग बहादुर मेमोरियल हॉल का व्यावसायिक इस्तेमाल कर साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ हुए एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है। कुलविंदर सिंह ने प्रधान निशान सिंह एवं संगत से अपील की है कि एग्रीमेंट को एकतरफा खारिज कर इस दिशा में कानून कार्रवाई करें। इस अधिवक्ता के अनुसार भगवान सिंह जुमलेबाज है क्योंकि बनाए गए नियमों को व्यक्ति देखकर लागू करते हैं। उन्होंने नियम बनाया कि एक इलाका, एक गुरुद्वारा, एक वोट, अंतिम अरदास में दाल रोटी, ये नियम कहां हैं? फिर सीजीपीसी का नियम है, दो बार के बाद व्यक्ति तीसरी बार प्रधान नहीं बन सकता। खुद चौथी बार प्रधान हैं। दूसरे के लिए कहते हैं व्यक्ति से बड़ी संस्था होती है और खुद संस्था का नियम नहीं मानते हैं?



