केंद्र सरकार के एमएमडीआर एक्ट में प्रस्तावित बदलाव को लेकर झारखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाडंगी ने कहा कि झारखंड आंदोलन की देन है और इसी तरह आंदोलन के बल पर झामुमो केंद्र सरकार को एमएमडीआर बिल वापस लेने के लिए मजबूर करेगी

जमशेदपुर- केंद्र सरकार के एमएमडीआर एक्ट में प्रस्तावित बदलाव को लेकर झारखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है

हाल ही में झामुमो ने इस कानून के विरोध में राज्यभर में प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा था कि किसी भी स्थिति में यह बिल वापस नहीं होगा। अब झामुमो ने भाजपा के इस बयान पर पलटवार किया है।
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झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाडंगी ने कहा कि झारखंड आंदोलन की देन है और इसी तरह आंदोलन के बल पर झामुमो केंद्र सरकार को एमएमडीआर बिल वापस लेने के लिए मजबूर करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार इस बिल के जरिए राज्य सरकार को खनिज संसाधनों से मिलने वाले सेस को रोकने की कोशिश कर रही है।
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कुणाल षाडंगी के मुताबिक, अगर राज्य के खनिज संसाधनों से मिलने वाला राजस्व प्रभावित होता है, तो इसका असर राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि झामुमो किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होने देगी और इस मुद्दे को लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। झामुमो प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि पार्टी सड़क से लेकर हर स्तर पर संघर्ष करेगी और आंदोलन के बल पर केंद्र सरकार से एमएमडीआर बिल वापस करवाने का प्रयास करेगी। वहीँ उन्होने पड़ोसी राज्य सरकारों एवं झारखण्ड के भाजपा सांसदों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा की उन्हें भी इसका विरोध करना चाहिए था लेकिन वो भी जनता के प्रति जिम्मेवारी भूल गई है. इस बयान के बाद एमएमडीआर एक्ट को लेकर झारखंड में भाजपा और झामुमो के बीच सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।




