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गांधी मैदान में कूड़ा-कचरा और निगम की गाड़ियां देख भड़के सरयू राय, बोलेः गांधी जी की प्रतिष्ठा का हो रहा हनन

गांधी जयंती तक पूरा इलाका साफ करने का निर्देश, बोले—दुर्गापूजा तक बनी रहे सफाई; कार्यालय नहीं हटाया तो अदालत जाएंगे

गांधी मैदान में कूड़ा-कचरा और निगम की गाड़ियां देख भड़के सरयू राय, बोलेः गांधी जी की प्रतिष्ठा का हो रहा हनन

गांधी जयंती तक पूरा इलाका साफ करने का निर्देश, बोले—दुर्गापूजा तक बनी रहे सफाई; कार्यालय नहीं हटाया तो अदालत जाएंगे

जमशेदपुर- मानगो गांधी मैदान में दुर्गापूजा के दौरान नगर निगम की गाड़ियां और कूड़ा-कचरा पड़े रहने को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के नाम पर संचालित स्कूल, गांधी जी की प्रतिमा और चिल्ड्रेन पार्क के आसपास जिस तरह निगम की गाड़ियां और कचरा रखा जा रहा है, वह बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने मानगो नगर निगम को चेतावनी दी कि गांधी जयंती तक पूरे इलाके को साफ-सुथरा किया जाए और दुर्गापूजा तक वहां सफाई व्यवस्था बनी रहे।
सरयू राय ने बताया कि गांधी मैदान दुर्गापूजा समिति के कुछ सदस्य उन्हें वह स्थान दिखाने ले गए, जहां इस वर्ष पूजा होनी है। समिति के सदस्यों ने आशंका जताई कि पूजा के दौरान यदि वहां नगर निगम की गाड़ियां खड़ी रहीं और गंदगी पसरी रही तो पूजा की प्रतिष्ठा प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि मौके पर पहुंचने पर उन्होंने आसपास निगम की गाड़ियां बेतरतीब ढंग से खड़ी देखीं। इनमें कुछ गाड़ियों पर कूड़ा-कचरा लदा था, जबकि कुछ ऐसी गाड़ियां भी थीं, जिन्हें खरीदे जाने के बावजूद इस्तेमाल नहीं किया गया। दो गाड़ियां ऐसी भी थीं जिन्हें मानगो की सड़कों की सफाई के लिए खरीदा गया था, लेकिन शायद ही कभी सड़क पर उतरी हों।
श्री राय ने कहा कि सबसे बड़ी विडंबना यह है कि निगम की गाड़ियां गांधी जी के नाम पर संचालित स्कूल के बरामदे और दीवार तक खड़ी कर दी गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि निगम के अधिकारियों को इस बात का ध्यान क्यों नहीं है कि विद्यालय में पढ़ने आने वाले बच्चों के मन-मस्तिष्क पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? उन्होंने बताया कि विद्यालय से सटा चिल्ड्रेन पार्क भी है, जिसके किनारे कूड़ा-कर्कट जमा है। उन्होंने कहा कि वह कई बार मानगो नगर निगम के अधिकारियों से कह चुके हैं कि गांधी जी की प्रतिमा तक के हिस्से को साफ-सुथरा रखा जाए, क्योंकि वह विद्यालय परिसर से जुड़ा क्षेत्र है।
सरयू राय ने कहा कि उन्होंने अपनी विधायक निधि से विद्यालय की चहारदीवारी कराने की पेशकश भी की है। उनके अनुसार, समस्याओं को दूर करने के बजाय निगम विद्यालय और गांधी जी की प्रतिमा के आसपास नई समस्याएं खड़ी कर रहा है।
सरयू राय ने कहा कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती है। ऐसे में गांधी जी की प्रतिमा के आसपास नगर निगम की छोटी-बड़ी गाड़ियों का जमावड़ा और कूड़ा-कचरा पड़ा रहना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि मौके पर एक ऐसी गाड़ी भी दिखाई दी, जिसमें कूड़ा-कर्कट भरा हुआ था और जिसका पिछला पहिया टूटा था। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी गाड़ी भी वहीं पड़ी रहेगी।
विधायक ने मानगो नगर निगम को चेतावनी देते हुए कहा कि गांधी जयंती तक पूरे इलाके को बिल्कुल साफ-सुथरा कर दिया जाए और दुर्गापूजा तक वहां सफाई व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने कहा कि विद्यालय की चहारदीवारी के निर्माण के लिए विधायक निधि से उन्होंने लिखा है और निगम को इसका भी ध्यान रखना चाहिए।

गांधी स्मारक के लिए बना था भवन, निगम कार्यालय कैसे बना?
सरयू राय ने मानगो नगर निगम के वर्तमान कार्यालय को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस भवन में वर्तमान में मानगो नगर निगम का कार्यालय चल रहा है, वह मूल रूप से महात्मा गांधी स्मारक के लिए बनाया गया था। उन्होंने कहा कि कल्पना यह थी कि महात्मा गांधी स्कूल और गांधी मेमोरियल के बीच का मैदान साफ-सुथरा और आकर्षक होगा। भवन में गांधी जी के बचपन से लेकर देहांत तक की प्रमुख घटनाओं की तस्वीरें लगाई जानी थीं और उनके नीचे संबंधित विवरण दिया जाना था। पूरे परिसर में धीमे स्वर में ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ की धुन बजती रहे—ऐसी भी परिकल्पना थी। सरयू राय ने कहा कि यह ऐसा स्मारक होना था, जहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति, चाहे वह पर्यटक हो या राजकीय अतिथि, गांधी मेमोरियल को देखे। बच्चे गांधी साहित्य पढ़ें और उनके जीवन एवं विचारों से ज्ञान अर्जित करें।
सरयू राय के अनुसार, मानगो नगर निगम का पुराना कार्यालय छोटा पड़ रहा था। इसलिए वर्तमान भवन को कुछ समय के लिए कार्यालय के रूप में लिया गया था। उस समय कहा गया था कि पुराना कार्यालय बड़े स्वरूप में तैयार होने के बाद निगम वहां चला जाएगा। उन्होंने कहा कि आज तक ये लोग अंगद के पांव की तरह जमे हुए हैं। सरयू राय ने सवाल उठाया कि यदि मानगो नगर निगम को कहीं और जगह नहीं मिलती है तो पुराने कार्यालय को बहुमंजिली इमारत के रूप में विकसित क्यों नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि वर्तमान भवन में मानगो नगर निगम का कार्यालय किस अधिकार से चल रहा है और इसे किसने आवंटित किया है? उन्होंने सवाल किया कि इसका आवंटन उपायुक्त ने किया या नगर विकास विभाग ने? उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को यह भी बताना चाहिए कि निगम को वहां बने रहने का अधिकार किस आधार पर मिला है।
सरयू राय ने कहा कि अब मानगो नगर निगम को यह बताना होगा कि वह वर्तमान कार्यालय कब खाली करेगा। उन्होंने कहा कि पुराने कार्यालय का पुनर्निर्माण कर निगम को अपना स्थायी कार्यालय विकसित करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी जी के नाम पर बने स्कूल और गांधी जी की प्रतिमा की प्रतिष्ठा का मानगो नगर निगम लगातार हनन कर रहा है।
सरयू राय ने कहा कि मानगो नगर निगम का यह रवैया रुकना चाहिए। यदि मानगो नगर निगम उचित तरीके से कार्यालय नहीं छोड़ता है तो फिर हमें अदालत में जाना होगा।

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