एमजीएम हादसा: पीड़ित परिवार आज भी मुआवजे की प्रतीक्षा में
जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में छत गिरने की घटना को 15 महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद, मृतकों के परिजनों को अब तक मुआवजा राशि नहीं मिली है। यह खुलासा अस्पताल प्रशासन द्वारा दिए गए एक आधिकारिक सूचना के अधिकार (आरटीआई) जवाब से हुआ है, जो जन विकास मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु द्वारा दायर आवेदन पर 31 अगस्त 2026 को प्राप्त हुआ। अस्पताल के जवाब के अनुसार, मुआवजा राशि अभी भी एक बहुस्तरीय प्रशासनिक प्रक्रिया में अटकी है — सिविल सर्जन द्वारा राशि निकासी कर उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम को बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से सौंपी जानी है, इसके बाद उपायुक्त कार्यालय को प्रभावित मृतकों एवं घायलों की पहचान, सत्यापन तथा बैंक विवरण एकत्र कर राशि DBT के माध्यम से हस्तांतरित करनी है। अस्पताल का यह जवाब यह स्पष्ट करता है कि यह पूरी प्रक्रिया अब तक पूर्ण नहीं हुई है

एमजीएम हादसा: पीड़ित परिवार आज भी मुआवजे की प्रतीक्षा में
जमशेदपुर- जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में छत गिरने की घटना को 15 महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद, मृतकों के परिजनों को अब तक मुआवजा राशि नहीं मिली है। यह खुलासा अस्पताल प्रशासन द्वारा दिए गए एक आधिकारिक सूचना के अधिकार (आरटीआई) जवाब से हुआ है, जो जन विकास मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु द्वारा दायर आवेदन पर 31 अगस्त 2026 को प्राप्त हुआ।
अस्पताल के जवाब के अनुसार, मुआवजा राशि अभी भी एक बहुस्तरीय प्रशासनिक प्रक्रिया में अटकी है — सिविल सर्जन द्वारा राशि निकासी कर उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम को बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से सौंपी जानी है, इसके बाद उपायुक्त कार्यालय को प्रभावित मृतकों एवं घायलों की पहचान, सत्यापन तथा बैंक विवरण एकत्र कर राशि DBT के माध्यम से हस्तांतरित करनी है। अस्पताल का यह जवाब यह स्पष्ट करता है कि यह पूरी प्रक्रिया अब तक पूर्ण नहीं हुई है।
उल्लेखनीय है कि आवेदन में स्पष्ट रूप से पूछे गए प्रश्न — यदि मुआवजा अब तक नहीं दिया गया तो इसका कारण क्या है — का कोई सीधा उत्तर नहीं दिया गया, तथा वही प्रक्रिया दोहरा दी गई।
जवाब में यह भी कहा गया है कि सभी मृतकों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं, परंतु “Third Party” को प्रति उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान न होने का हवाला देकर प्रमाणित छायाप्रति देने से इनकार कर दिया गया। यह जवाब पीड़ित परिवारों के उन सार्वजनिक बयानों से मेल नहीं खाता, जिनमें उन्होंने बार-बार कहा है कि उन्हें आज तक मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
जन विकास मंच अध्यक्ष सौरभ विष्णु ने कहा कि यह अस्पताल का अपना लिखित जवाब है, हमारा आरोप नहीं। 15 महीने बाद भी मुआवजा राशि प्रशासनिक प्रक्रिया में फंसी हुई है, और जिस सीधे सवाल का जवाब मांगा गया था कि देरी क्यों हो रही है, उसे टाल दिया गया। साथ ही, मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने का दावा परिवारों के बयानों से मेल नहीं खाता। हम मांग करते हैं कि उपायुक्त कार्यालय तत्काल सत्यापन एवं भुगतान की प्रक्रिया पूरी करे, तथा मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर स्थिति स्पष्ट करे।”
जन विकास मंच ने उपायुक्त कार्यालय से इस आरटीआई जवाब के आधार पर तत्काल स्पष्टीकरण एवं कार्रवाई की मांग की है। यह मुद्दा पूर्णतः पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने से संबंधित है तथा इसका किसी दल अथवा राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।




