भाजपा द्वारा जुगसलाई में एसआईआर प्रक्रिया का दुरुपयोग बीएलओ पर दबाव और नियमों की अनदेखी का गंभीर आरोप- निष्पक्ष जांच की मांग
जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताओं का मामला सामने आया है। संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के जिला महासचिव अनूप मिश्रा ज्योति ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि वह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए नियम-कायदों को ताक पर रखकर फॉर्म 7 (नाम हटाने हेतु) का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर रही है

भाजपा द्वारा जुगसलाई में एसआईआर प्रक्रिया का दुरुपयोग बीएलओ पर दबाव और नियमों की अनदेखी का गंभीर आरोप- निष्पक्ष जांच की मांग

्जमशेदपुर- जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताओं का मामला सामने आया है। संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के जिला महासचिव अनूप मिश्रा ज्योति ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि वह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए नियम-कायदों को ताक पर रखकर फॉर्म 7 (नाम हटाने हेतु) का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर रही है।

संवाददाता सम्मेलन के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदु उठाए गए:
बीएलओ पर जबरन फॉर्म लेने का दबाव:
भाजपा के जुगसलाई मंडल अध्यक्ष द्वारा स्थानीय बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) पर अनधिकृत रूप से बड़ी संख्या में फॉर्म जमा करने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा है।

बूथवार धांधली के आंकड़े:
* बूथ संख्या 162: लगभग 80 फॉर्म जबरन जमा करने की कोशिश।
* बूथ संख्या 182: 50 फॉर्म जमा करने का दवाब बनाया गया।
* बूथ संख्या 204: 38 फॉर्म बीएलओ पर जमा करने का दबाव बनाया गया।
* क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) का खुला उल्लंघन: निर्वाचन आयोग के स्पष्ट नियमानुसार, जिस बूथ का संबंधित BLA होता है, केवल वही व्यक्ति अपने संबंधित बूथ का फॉर्म 6 जमा कर सकता है। इसके बावजूद, जो मंडल अध्यक्ष उस बूथ का बीएलए नहीं है, वह अवैध रूप से और अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर फॉर्म 6 जमा करने के लिए बीएलओ पर अनैतिक दबाव बना रहा है।
एक दिन की निर्धारित सीमा और नियमों की अवहेलना: चुनाव आयोग के नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति एक दिन में 10 से अधिक फॉर्म जमा नहीं कर सकता और वह भी व्यक्तिगत सत्यापन (Personal Verification) के बाद ही संभव है। इसके बावजूद आयोग के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी कर थोक में फॉर्म जमा कराए जा रहे हैं वो भी बिना सत्यापन के।
गंभीर जांच का विषय: यह सवाल उठाना बेहद जरूरी है कि आम नागरिकों से संबंधित ये सरकारी फॉर्म इतनी बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और मंडल अध्यक्षों के पास कहाँ से आए?
यह पूरी तरह से निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था, आयोग के नियमों और आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। हम निर्वाचन आयोग से मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की तुरंत और निष्पक्ष जांच कराई जाए, अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर BLO पर दबाव बनाने वाले नेताओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और अवैध रूप से जमा कराए जा रहे फॉर्म्स को तत्काल रद्द किया जाए। उक्त जानकारी अनूप मिश्रा ज्योति
महासचिव, पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी ने दी है


