लोकतंत्र में युवाओं और विद्यार्थियों की आवाज़ को लाठी, बैरिकेडिंग और बल के सहारे दबाने का कोई स्थान नहीं है अपने भविष्य और जायज़ अधिकारों की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है – अर्जुन मुंडा
सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई कि प्रदेश के युवाओं को अपनी बात सुनाने के लिए सड़कों पर उतरकर विधानसभा का घेराव करना पड़ा। दमन से न तो छात्रों के सवाल समाप्त होंगे और न ही उनके हौसले टूटेंगे

लोकतंत्र में युवाओं और विद्यार्थियों की आवाज़ को लाठी, बैरिकेडिंग और बल के सहारे दबाने का कोई स्थान नहीं है अपने भविष्य और जायज़ अधिकारों की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है
सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई कि प्रदेश के युवाओं को अपनी बात सुनाने के लिए सड़कों पर उतरकर विधानसभा का घेराव करना पड़ा। दमन से न तो छात्रों के सवाल समाप्त होंगे और न ही उनके हौसले टूटेंगे।
राज्य सरकार हठधर्मिता छोड़कर तत्काल छात्र प्रतिनिधियों से संवाद करे, उनकी जायज़ मांगों पर ठोस एवं समयबद्ध निर्णय ले तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराकर दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित करें। छात्रों के भविष्य के साथ राजनीति बंद हो,ये युवा अपना अधिकार मांग रहे हैं कोई एहसान नहीं।




