राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) द्वारा नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु विशेष जागरूकता व्याख्यान आयोजित
कोल्हान विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आज परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सहयोग से "मादक पदार्थों का दुरुपयोग और नशीले पदार्थों का अनैतिक उपयोग" विषय पर एक दिवसीय विशेष जागरूकता व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी और छात्रों के बीच बढ़ रही नशे की लत के प्रति जागरूकता फैलाना तथा उन्हें इसके घातक सामाजिक एवं मानसिक परिणामों से अवगत कराना था

राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) द्वारा नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु विशेष जागरूकता व्याख्यान आयोजित

चाईबासा- कोल्हान विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आज परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सहयोग से “मादक पदार्थों का दुरुपयोग और नशीले पदार्थों का अनैतिक उपयोग” विषय पर एक दिवसीय विशेष जागरूकता व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी और छात्रों के बीच बढ़ रही नशे की लत के प्रति जागरूकता फैलाना तथा उन्हें इसके घातक सामाजिक एवं मानसिक परिणामों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में कोल्हान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर एवं प्रसिद्ध क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. धर्मेंद्र रजक उपस्थित थे। छात्रों को संबोधित करते हुए डॉ. रजक ने नशीली दवाओं के सेवन के मनोवैज्ञानिक एवं शारीरिक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज का युवा अनजाने में अथवा मानसिक तनाव के कारण मादक पदार्थों के जाल में फँस जाता है, जिससे न केवल उसका स्वास्थ्य बल्कि उसका भविष्य भी प्रभावित होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्म-नियंत्रण बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार के नशे से पूरी तरह दूर रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि “नशा मुक्त समाज का निर्माण युवाओं की जागरूकता, सकारात्मक सोच और सामूहिक सहभागिता से ही संभव है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करने के साथ-साथ स्वस्थ एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।” उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के सफल आयोजन के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना एवं सभी प्रतिभागियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन एवं सतत मार्गदर्शन के लिए एनएसएस समन्वयक के प्रति विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष (DSW) डॉ. संजय यादव तथा एनएसएस की नोडल पदाधिकारी डॉ. मीनाक्षी मुंडा की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके लिए उनका विशेष आभार व्यक्त किया गया।
व्याख्यान में विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से कंचन कच्छप (एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी, यूनिट-I), जया जैकलिन तिर्की (एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी, यूनिट-II), डॉ. सुनीता कुमारी, डॉ. तनुजा मोहंती तथा प्रदीप झा शामिल थे।
इस जागरूकता सत्र में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के लगभग 80 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। व्याख्यान के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशे की लत से बचाव से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. धर्मेंद्र रजक ने विस्तारपूर्वक समाधान किया।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों से नशामुक्त जीवन अपनाने तथा समाज में जन-जागरूकता फैलाने के संकल्प के साथ हुआ।



