श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के आठवें दिन इशरत जहां के भजनों पर देर रात तक झूमते रहे श्रद्धालु, वैदिक अनुष्ठान और संगीतमय कथा से भक्तिमय हुआ केबुल क्षेत्र, कल पूर्णाहुति और विशाल महाभंडारा
गोलमुरी क्षेत्र अंतर्गत न्यू केबुल टाउन में परमश्रद्धेय गुरुदेव श्री श्री 108 जय मंगला बाबा के सानिध्य में आयोजित नौ दिवसीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के आठवें दिन गुरुवार को यज्ञ स्थल पर भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देर रात तक चले इस भक्ति संध्या कार्यक्रम में मुंबई से लौहनगरी जमशेदपुर पहुंचीं सुप्रसिद्ध भजन गायिका इशरत जहां ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया

श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के आठवें दिन इशरत जहां के भजनों पर देर रात तक झूमते रहे श्रद्धालु, वैदिक अनुष्ठान और संगीतमय कथा से भक्तिमय हुआ केबुल क्षेत्र, कल पूर्णाहुति और विशाल महाभंडारा

जमशेदपुर- गोलमुरी क्षेत्र अंतर्गत न्यू केबुल टाउन में परमश्रद्धेय गुरुदेव श्री श्री 108 जय मंगला बाबा के सानिध्य में आयोजित नौ दिवसीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के आठवें दिन गुरुवार को यज्ञ स्थल पर भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देर रात तक चले इस भक्ति संध्या कार्यक्रम में मुंबई से लौहनगरी जमशेदपुर पहुंचीं सुप्रसिद्ध भजन गायिका इशरत जहां ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय कलाकार जसप्रीत सिंह जस्सी ने गणेश वंदना से की। इसके बाद मुंबई से आए कलाकार इशरत जहां ने ‘तेरे नाम का नशा है ओ मेरे कन्हैया’, ‘राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी’, ‘मुझे चढ़ गया भगवा रंग’, ‘सजा दो घर को गुलशन सा’ और ‘श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में’ जैसे लोकप्रिय भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। उनके भजनों ने ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे झूमते रहे। हर भजन पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। भजन संध्या में स्थानीय कलाकार हरजीत सिंह हीरा, धीरज पांडेय एवं विशाल म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने भी अपनी सुंदर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

इससे पहले प्रातः काल से ही यज्ञशाला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी और पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन एवं जयघोष से भक्तिमय बना रहा। पंचकुंडीय यज्ञशाला में बनारस से पधारे यज्ञाचार्य पंडित लाल मोहन शास्त्री के नेतृत्व में 21 सदस्यीय आचार्यों की टोली ने विधि-विधानपूर्वक वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराया। वैदिक परंपरा के अनुरूप मंत्रोच्चार के बीच दैनिक पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश पूजन एवं वेदी पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं की सहभागिता से हवन अनुष्ठान सम्पन्न हुआ। इस दौरान यज्ञशाला की परिक्रमा में महिला श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और पूरा परिसर भक्ति एवं आस्था से सराबोर रहा।

संध्याकाल में श्री अयोध्याधाम से पधारे पूज्य रामानंद दास जी महाराज ने संगीतमय कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन के सूत्र बताए। उन्होंने अपने मधुर वचनों और भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति से उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। महाराज जी ने कहा कि भक्ति, श्रद्धा और सत्संग से ही जीवन को सही दिशा मिलती है तथा ईश्वर स्मरण से ही मानव जीवन सफल बनता है। उनकी संगीतमय कथा का श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण श्रवण किया।
इस दौरान अतिथि के रूप में घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले, पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी, राज्य गौ सेवा के उपाध्यक्ष राजू गिरि, कांग्रेस जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह, भाजपा नेता दिनेश कुमार, जिला परिषद उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा, जिप सदस्य डॉ परितोष सिंह, समाजसेवी राजकुमार सिंह, पूर्वी सिंहभूम भाजपा जिलाध्यक्ष सत्या तिवारी, आजसू जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह, अप्पू तिवारी, डीएवी की प्रिंसिपल उषा राय, अभिमन्यु सिंह, अभिषेक सिंह, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जसबीर सिंह सिरे, मनीष सिंह समेत अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे।
इस दौरान लक्ष्मीनारायण महायज्ञ समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर, संयोजक शिवशंकर सिंह, बिपिन झा, बिट्टू तिवारी, जम्मू वाले बाबा, नीरज सिंह, शैलेश पांडेय, संजय सिंह, पंकज वर्मा, हरेराम यादव, प्रेम झा, लाल बाबू यादव, सन्नी सिंह चौहान, आदित्य ओझा, कृष्णा कुमार, अवनीश सिंह चिंटू, महेश शर्मा, अवधेश सिंह, सत्येंद्रनाथ सिंह, अजय तिवारी, गोपाल शर्मा, पप्पू यादव, निशांत सिन्हा, नीरज मिश्रा, अनिल सिंह, देबाशीष झा, त्रिभुवन प्रसाद सिंह, निखिल सिंह, सुरेश दास, अजय लाला, सोनू समेत समिति के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।




