साकची स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) जिला कार्यालय में आज झारखंड के एक प्रमुख आदिवासी नेता और वरिष्ठ राजनेता की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई
इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा दिवंगत नेता की तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि दिवंगत नेता का जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा का प्रतीक था। उन्होंने झारखंड के आदिवासी समाज और क्षेत्र के विकास के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके कार्यों और विचारों से आज भी कार्यकर्ताओं को प्रेरणा मिलती है

जमशेदपुर- साकची स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) जिला कार्यालय में आज झारखंड के एक प्रमुख आदिवासी नेता और वरिष्ठ राजनेता की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई।


इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा दिवंगत नेता की तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।
वक्ताओं ने कहा कि दिवंगत नेता का जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा का प्रतीक था। उन्होंने झारखंड के आदिवासी समाज और क्षेत्र के विकास के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके कार्यों और विचारों से आज भी कार्यकर्ताओं को प्रेरणा मिलती है।
बताया गया कि उनका जन्म 5 जनवरी 1941 को पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत रसूनचोपा गांव में हुआ था। वे दो बार वर्ष 1969 और 1972 में पोटका विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक चुने गए थे। बाद में उन्होंने कांग्रेस पार्टी में जिला अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया और आगे चलकर झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल होकर संगठन को मजबूत किया।
गौरतलब है कि 29 अप्रैल 2021 को कोरोना संक्रमण के कारण उनका निधन हो गया था। उनके निधन से झारखंड की राजनीति और आदिवासी समाज को अपूरणीय क्षति हुई थी।कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने उनके दिखाए रास्ते पर चलने और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।




