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महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक धोखा- मेयर सुधा गुप्ता

महिला हितैषी हैं तो महिला प्रधानमंत्री की घोषणा करें भाजपा- सुधा गुप्ता

महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक धोखा- मेयर सुधा गुप्ता

महिला हितैषी हैं तो महिला प्रधानमंत्री की घोषणा करें भाजपा- सुधा गुप्ता

जमशेदपुर- महिला आरक्षण के नाम पर देश की महिलाओं को गुमराह करने की राजनीति अब पूरी तरह उजागर हो चुकी है जिस बिल को महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया गया, उसे जानबूझकर ऐसी शर्तों में जकड़ा गया कि उसका लागू होना वर्षों तक टल जाए, उक्त बातें तिलक पुस्तकालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मेयर सुधा गुप्ता ने कहीं

सुधा गुप्ता ने कड़े शब्दों में कहा कि यह महिला अधिकार नहीं, बल्कि महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक धोखा है।

तथ्य जो सच्चाई बताते हैं
1. कानून बना, लेकिन लागू नहीं
2023 में 33% महिला आरक्षण का संवैधानिक प्रावधान पारित हुआ।
लेकिन इसे तुरंत लागू नहीं किया गया, बल्कि आगे की प्रक्रिया से जोड़ दिया गया।

2. जनगणना और परिसीमन की शर्त
कानून में स्पष्ट है कि आरक्षण लागू करने से पहले नई जनगणना और उसके बाद परिसीमन (Delimitation) जरूरी होगा।
अभी तक नई जनगणना ही नहीं हुई है, इसलिए आरक्षण स्वतः टल गया।

3. संभावित देरी – 2029 या उससे आगे
मौजूदा स्थिति में यह आरक्षण अगले लोकसभा चुनाव (2029) के बाद ही लागू होने की संभावना है।
यानी महिलाओं को अधिकार देने के नाम पर कम से कम 5–6 साल की देरी।

4. विपक्ष की स्पष्ट मांग
विपक्ष ने कहा कि मौजूदा सीटों पर तुरंत 33% आरक्षण लागू किया जाए। लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया।

5. परिसीमन से राजनीतिक संतुलन पर असर
परिसीमन के बाद सीटों की संख्या और सीमाएं बदलेंगी।
इससे कई राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है, जिस पर गंभीर चिंता जताई गई।

सुधा गुप्ता का तीखा हमला
“अगर सरकार की नीयत साफ होती, तो महिला आरक्षण आज से ही लागू हो जाता। लेकिन इसे जनगणना और परिसीमन के जाल में फंसाकर जानबूझकर लटकाया गया है

यह महिलाओं को अधिकार देने का नहीं, बल्कि उन्हें इंतजार कराने का कानून है

हमारी मांग स्पष्ट है—
महिला आरक्षण को बिना किसी शर्त के तुरंत लागू किया जाए
जनगणना और परिसीमन के बहाने अधिकारों को टालना बंद किया जाए
जनगणना, 33% ओबीसी आरक्षण के प्रावधान के साथ ही महिला आरक्षण बिल लागू हो।

देश की महिलाएं अब जागरूक हैं। वे समझ चुकी हैं कि उनके अधिकारों के साथ राजनीति हो रही है। अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो सड़क से सदन तक आंदोलन होगा

महीने में दो बार मेयर सुधा गुप्ता कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय बिस्टुपुर में जनता दरबार भी लगाएंगी, इसमें जनता की समस्याओं का समाधान भी करेंगी और कार्यकर्ताओं से भी संवाद करेंगी

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