जमशेदपुर के महिला कांग्रेस का हल्ला बोल पूर्वी सिंहभूम महिला कांग्रेस अध्यक्ष नलिनी सिन्हा के नेतृत्व में आरक्षण बिल में देरी और ओबीसी कोटे की अनदेखी के खिलाफ प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' महज एक चुनावी स्टंट है। सरकार ने महिला आरक्षण को 'परिसीमन' (Delimitation) और 'जनगणना' की पेचीदगियों में फंसाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया है। कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि इस बिल को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए

जमशेदपुर- जमशेदपुर के महिला कांग्रेस का हल्ला बोल पूर्वी सिंहभूम महिला कांग्रेस अध्यक्ष नलिनी सिन्हा के नेतृत्व में आरक्षण बिल में देरी और ओबीसी कोटे की अनदेखी के खिलाफ प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया


आज जिला महिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एकत्रित महिला कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया


प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महज एक चुनावी स्टंट है। सरकार ने महिला आरक्षण को ‘परिसीमन’ (Delimitation) और ‘जनगणना’ की पेचीदगियों में फंसाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया है। कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि इस बिल को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

महिला कांग्रेस ने इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर अपनी बात रखी
एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं को मिले भागीदारी: कांग्रेस का स्टैंड साफ है कि जब तक इस 33% आरक्षण के भीतर एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण (कोटा के भीतर कोटा) सुनिश्चित नहीं किया जाता तब तक यह बिल अधूरा है।
परिसीमन की शर्त हटाई जाए: सरकार ने जो परिसीमन की शर्त लगाई है, वह महिलाओं को उनके हक से वंचित रखने की एक साजिश है। इसे तुरंत खारिज कर बिल को आगामी चुनावों से ही लागू किया जाना चाहिए।




