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संविधान संशोधन विधेयक गिरने से लोकतंत्र की जीत हुई परिसीमन को लेकर मोदी सरकार की साजिश नाकाम – कांग्रेस

मानगो नगर निगम मेयर सुधा गुप्ता ने कहा है कि संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में गिरने से परिसीमन को लेकर मोदी सरकार की साजिश नाकाम हो गई है और यह लोकतंत्र एवं संविधान की जीत है। जिला कांग्रेस कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन करते हुए श्रीमती गुप्ता ने कहा कि विपक्ष की एकजुटता ने संघीय ढांचे को बदलने की सरकार की साजिश को नाकाम कर दिया

संविधान संशोधन विधेयक गिरने से लोकतंत्र की जीत हुई परिसीमन को लेकर मोदी सरकार की साजिश नाकाम – कांग्रेस


संविधान संशोधन विधेयक गिरने पर प्रियंका गांधी बोलीं- लोकतंत्र की जीत हुई, परिसीमन को लेकर मोदी सरकार की साजिश नाकाम – परविंदर सिंह

महिला आरक्षण के लिए पूरा विपक्ष तैयार, 2023 में सर्वसम्मति से पारित विधेयक तुरंत प्रभाव से लागू हो’ – सुधा गुप्ता


जमशेदपुर- झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस के आहवान पर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय बिष्टूपुर में संवाददाता सम्मेलन का आयोजन जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह के अध्यक्षता में आयोजित की गई
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मानगो नगर निगम मेयर सुधा गुप्ता ने कहा है कि संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में गिरने से परिसीमन को लेकर मोदी सरकार की साजिश नाकाम हो गई है और यह लोकतंत्र एवं संविधान की जीत है।


जिला कांग्रेस कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन करते हुए श्रीमती गुप्ता ने कहा कि विपक्ष की एकजुटता ने संघीय ढांचे को बदलने की सरकार की साजिश को नाकाम कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने-अपने भाषणों में कहा कि अगर विपक्ष इस मुद्दे पर सहमत नहीं होगा तो न कभी चुनाव जीत पाएगा, न ही सत्ता में आ पाएगा।

इन बातों से ही साफ हो गया कि सरकार की मंशा क्या थी। भाजपा सरकार महिला आरक्षण के नाम पर 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करना चाहती थी। सरकार चाहती थी कि महिला आरक्षण के नाम पर विपक्ष इस बिल को पारित कर दे, ताकि उसे जाति के आंकड़ों के बिना मनमाने तरीके से परिसीमन का मौका मिल जाए। सरकार द्वारा जो साजिश रची गई, उसका उद्देश्य सत्ता हासिल करना था। उन्होंने कहा कि भाजपा खुद को महिलाओं का मसीहा साबित करना चाहती थी। उसने सोचा था कि यदि बिल पारित नहीं हुआ तो विपक्ष को महिला विरोधी बता दिया जाएगा और पारित हो जाएगा तो परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ उठा लिया जाएगा। वहीं जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि सरकार ने अचानक विधानसभा चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया और विधेयक का मसौदा आखिरी समय में सामने रखा, जिससे विपक्ष को पर्याप्त समय न मिले।
भाजपा के आरोपों से संबंधित एक सवाल के जवाब में जिलाध्यक्ष ने कहा कि महिला आरक्षण के लिए पूरा विपक्ष तैयार है। उन्होंने मांग की कि यदि मोदी सरकार गंभीर है, तो 2023 में सर्वसम्मति से पारित विधेयक को तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों में से 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण देने के लिए विपक्ष पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि हम सब यह बार-बार कह रहे हैं कि जैसे अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षण है, वैसे ही ओबीसी महिलाओं के लिए भी उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण होना चाहिए। पूरे देश ने देख लिया है कि जब विपक्ष एकजुट होता है तो मोदी सरकार को कैसे हराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहली बार बड़ा धक्का लगा है, इसलिए वह इसे ‘ब्लैक डे’ कह रही है, लेकिन वास्तव में यह लोकतंत्र के लिए सुनहरा दिन है। अमित शाह कह रहे थे कि हम पर भरोसा करिए, लेकिन असलियत यह है कि जनता का भरोसा इस सरकार से उठ चुका है।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा का महिलाओं के संदर्भ में जो इतिहास है, वह देश के सामने स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं ने उन्नाव, हाथरस, ओलंपियन महिला खिलाड़ियों का मुद्दा और मणिपुर की घटनाएं देखी हैं। मोदी सरकार ने कभी महिलाओं की सुध नहीं ली।

इस दौरान कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी राजीव मिश्रा, कार्य कारी अध्यक्ष अवधेश सिंह , मंजीत आनन्द, नलिनी सिन्हा, मनोज झा, अपर्णा गुहा, संजय सिंह आजाद कार्यालय प्रभारी, आशुतोष सिंह, कौशल प्रधान, अंकुश बनर्जी, रश्मी निगार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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