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भयावह प्रदूषण की स्थिति को देखते हुये भविष्य में पृथ्वी को बचाने के लिये हर संभव प्रयास करना चाहिए। भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने हेतु ‘‘भूमि सुपोषण एवं संरक्षण’’ द्वारा किसानों के बीच जाकर कार्यक्रम करना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज लोगों के द्वारा पर्यावरण हितैषी अनुकूल विकास को बढ़ावा देना होगा

इस अवसर पर पर्यावरण पहल के संयोजक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि धरती का तापमान दिनोंदिन बढ़ रहा है और इसके चलते अनेक तरह के पर्यावरणीय समस्या आ रही है। झारखण्ड के अनेक क्षेत्रों में वनों की कटाई से जमीन का कटान हो रहा है एवं भूमि बंजर हो रही है। जैव-विविधता (बायो-डायवर्सिटी) में कमी हो रही है। कीट-पतंग मधुमक्खियां, गोरैया, गिद्ध प्रजाति लुप्तप्राय है

जमशेदपुर- आज ‘‘पर्यावरण पहल’’ के तत्वावधान में स्वदेशी कार्यालय बिष्टुपुर में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया

जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय पर्यावरण प्रमुख ने कहा कि ‘‘पृथ्वी-दिवस’’ को पूरे देशभर में पर्यावरण जागरूकता के रूप में मनाया जाना चाहिए युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बेहद आवश्यक है और इसके लिये स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों के बीच जाकर कार्यशाला, गोष्ठी, जागरूकता कार्यक्रम इत्यादि करना आवश्यक है। आज की भयावह प्रदूषण की स्थिति को देखते हुये भविष्य में पृथ्वी को बचाने के लिये हर संभव प्रयास करना चाहिए। भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने हेतु ‘‘भूमि सुपोषण एवं संरक्षण’’ द्वारा किसानों के बीच जाकर कार्यक्रम करना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज लोगों के द्वारा पर्यावरण हितैषी अनुकूल विकास को बढ़ावा देना होगा।

इस अवसर पर पर्यावरण पहल के संयोजक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि धरती का तापमान दिनोंदिन बढ़ रहा है और इसके चलते अनेक तरह के पर्यावरणीय समस्या आ रही है। झारखण्ड के अनेक क्षेत्रों में वनों की कटाई से जमीन का कटान हो रहा है एवं भूमि बंजर हो रही है। जैव-विविधता (बायो-डायवर्सिटी) में कमी हो रही है। कीट-पतंग मधुमक्खियां, गोरैया, गिद्ध प्रजाति लुप्तप्राय है। इसके संरक्षण की जरूरत है क्योंकि फसलचक्र पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। जिसके कारण फल एवं पुष्प की अच्छी फसल नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि इस पृथ्वी दिवस पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि वृक्षारोपण, जैविक कृषि (गौ आधारित), प्लास्टिक का उपयोग वर्जित करना होगा, परिवार में बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करें।

इस विचार गोष्ठी का संचालन डा0 अनिल राय ने किया तथा विषय प्रवेश कौशल किशोर ने किया। कार्यक्रम के अंत में अमरूद का पौधा लगाकर इसका समापन किया गया।

इस अवसर पर संगीता श्रीवास्तव, सरोज सिन्हा, डा0 अजय पाठक, सतीश श्रीवास्तव, सुबोध श्रीवास्तव, मनोज सखुजा, सुखदेव सिंह, पंकज सिंह, सिमरन मेहरा, रत्नेश सिंह, रमेश कुमार, देव कुमार कौशल के अलावा काफी संख्या में कार्यकर्तागण उपस्थित थे।

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