राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान के छठवां अधिवेशन गोपालगंज,बिहार में सफलता पूर्वक हुआ
भोजपुरी भाषा,साहित्य और सांस्कृतिक के महाकुंभ: गौरवशाली अनुभव के साथ सभी भोजपुरिया बिदा हुए शहर के *प्रदीप सिंह भोजपुरिया* राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए" अगला भोजपुरी महोत्सव इसी वर्ष कोलकाता में आयोजित होगा

राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान के छठवां अधिवेशन गोपालगंज,बिहार में सफलता पूर्वक हुआ

भोजपुरी भाषा,साहित्य और सांस्कृतिक के महाकुंभ: गौरवशाली अनुभव के साथ सभी भोजपुरिया बिदा हुए

शहर के *प्रदीप सिंह भोजपुरिया* राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए” अगला भोजपुरी महोत्सव इसी वर्ष कोलकाता में आयोजित होगा

राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान का छठा अधिवेशन गोपालगंज के वी.एम. फील्ड में आयोजित ‘राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान’ के छठ वां राष्ट्रीय अधिवेशन तथा अन्तर्राष्ट्रिय भोजपुरी महोत्सव में शामिल होने का सुअवसर मिला। ये आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम ही नहीं बल्कि हमलोगों के माई की भाषा भोजपुरी के मान-सम्मान एवं उसके भविष्य को सशक्त बनाने वाला एक आयोजन साबित हुआ।

तीन दिन तक चलने वाला इस समागम में साहित्य, कला, आ विचार का ऐसा संगम देखने को मिला जो ये साबित करता है कि भोजपुरी भाषा अब वैश्विक पटल पर अपना परचम लहराने को तैयार है।

इस कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण उद्देश्य
साहित्यिक संगम,कवि सम्मेलन आ शोध पत्र वाचन के माध्यम से भोजपुरी साहित्य की गहराई एवं उसके आधुनिक स्वरूप पर गंभीर चर्चा हुआ।
सांस्कृतिक सशक्तिकरण,”लोकगीत, लोकनृत्य (लोक-रंग)और रंगजुलूस के जरिए हमलोग के पारंपरिक लोक कला के जीवंत अदभुत छाप जिसमें बैलगाड़ी,घोड़ा,ट्रैक्टर,हल, जुवाठ,मोटा अनाज,पेट्रोमेक्स,लालटेन के साथ सभी लोग पियरी धोती,कुर्ता एवं गमछा पहन कर पूरे शहर का परिभ्रमण किया गया। सभी लोग गगनभेदी नारे जिसमें भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने तथा जय हिंद। जय भोजपुरी। जय भोजपुरिया। वैचारिक विमर्श,’परिचर्चा’ एवं ‘संगोष्ठी’ में भाषा के संवैधानिक मान्यता एवं इसको रोजगारपरक बनाने पर कई विद्वान लोगों ने अपना मत रखा। लोक व्यंजन से जुड़ाव,दही-चुड़ा आ लिट्टी-चोखा नियर पंगत भावभोजन के जरिए सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जड़ से जुड़ाव का संदेश दिया गया।
इस अधिवेशन मे भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने एवं गीत संगीत से अश्लीलता मिटाने का भी संकल्प लिया गया।इस अवसर पर अध्यक्षता हरेंद्र सिंह,संचालन डा0 उमाशंकर साहू,आयोजक जय हिंद साह,जमशेदपुर से प्रदीप सिंह भोजपुरिया,नेपाल से गोपाल अश्क,शिवनंदन जायसवाल,छपरा से डा0 लाल बाबू यादव सहित अनेकों विद्वानगण शामिल हुए।
कलाकार में दिल्ली से लोकगायिका डॉ0 नीतू कुमारी नूतन, कोलकाता से लोकगायिका प्रतिभा सिंह,बोकारो से रंजना राय,भोजपुरी कमेडियन सुनील यादव, लोकगायिका प्रियंका सिंह की माताश्री एवं स्थानीय कई कलाकारों ने अपनी जीवंत प्रस्तुति दी।
राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान की नई कमिटी की घोषणा की गई,जिसमें भोजपुरी भाषा के विकास हेतु समर्पित जमशेदपुर से प्रदीप सिंह भोजपुरिया को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया।मुख्य संरक्षक डॉ0 हरेंद्र सिंह,संयोजक डॉ0 उमाशंकर साहू,अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह,महासचिव बृजमोहन अनाड़ी,जय हिंद साह को संगठन सचिव,जैनेन्द्र कुमार शुक्ला को सचिव की जिम्मेवारी दी गई है। युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष बी एच यू के विभांकधर मिश्रा, महासचिव विवेकानंद तिवारी एवं महिला प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सोनम मिश्रा एवं महासचिव रंजिता प्रियदर्शिनी साथ ही महिला संगठन के विस्तार हेतु रेखा भारती को संगठन मंत्री की घोषणा की गई।



